बिलासपुर। जिले में ग्रामीण संसद चुनने में युवाओं ने ही नहीं बुजुर्गों ने भी खासा उत्साह दिखाया। एक तरफ जहां युवाओं ने ग्राम पंचायत चुनाव रूपी यज्ञ में वोट नाम की आहुति डाली। वहीं बुजुर्गों ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण पेश किया। जिले में ग्राम पंचायत कलोल के गुरनाड़ी गांव की 117 वर्षीय प्रभी देवी ने बकैण में अपना वोट डाला।
वहीं विकास खंड झंडूता के मुकडाना गांव के 103 वर्षीय गुलाबू राम ने वोट डाला। ग्राम पंचायत संडीयार में 101 वर्षीय शिवदेई को उनके पोतों ने कुर्सी पर बैठाकर पोलिंग बूथ तक पहुंचाया। वहीं दडयाना की 96 वर्षीय द्रोपदी देवी, झंडूता के 95 वर्षीय प्रेमी, बड़ी बिलौर की 92 वर्षीय पानो देवी, बड़ी बिलौर के 90 वर्षीय मंशाराम, 88 वर्षीय दयावतीं, 85 वर्षीय सीता देवी व गीता देवी ने अपना वोट डाला। बुजुर्गों ने इस उम्र में भी मतदान केंद्र पहुंचकर लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं ऋषिकेश में परसराम दिव्यांग ने अपना वोट डाला। युवाओं में भी पहली बार वोट डालने को लेकर जोश दिखा। युवा नवनीत, अंबिका कुमारी, प्रियंका, स्वाति, शिवानी, ईशा, साक्षी, राहुल, मंजू सहित अन्यों ने पहली बार अपने मत का प्रयोग किया। युवाओं में पहली बार वोट डालने को लेकर काफी उत्साह दिखा। इन्होंने कहा कि युवा सिर्फ मत देने तक खुद को सीमित न रखें बल्कि चुनावों में हिस्सा लेकर समाज का प्रतिनिधित्व करें। कहा कि ग्रामीण संसद ही देश को विकसित करने की पहली सीढ़ी है। अगर ग्रामीण स्तर पर बिना किसी भ्रष्टाचार के विकास के कार्य होंगे तो देश को मजबूती मिलेगी। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने भी परिवार सहित अपने मत का प्रयोग किया।
ग्राम पंचायत संडयार में 101 वर्षीय शिवदेई वोट डालने जाते हुए।- फोटो : BILASPUR
वोट डालने जाते हुए बड़ी बिल्लौर की 95 वर्षीय प्रेमी देवी।- फोटो : BILASPUR
मुक़डाना गांव के 103 वर्षीय गुलाबू राम मतदान को जाते हुए- फोटो : BILASPUR