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एक माह बीत जाने के बाद सिविल अस्पताल घुमारवीं में नहीं लग पाया ऑक्सीजन प्लांट

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भगेड़ (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना अभी तक नहीं हो पाई है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने अस्पताल के लिए प्लांट की मशीनरी 26 मई को भिजवाई थी। तब से 25 लाख की लागत की यह मशीनरी सिविल अस्पताल के प्रांगण में खुलेेे आसमान के नीचे धूमल फांक रही है। प्लांट की स्थापना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बनी है।
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जानकारी के अनुसार पीएससी ऑक्सीजन प्लांट के माध्यम से सिविल अस्पताल में 30 से 35 लोगों के लिए 24 घंटे ऑक्सीजन सुविधा की उपलब्धता होनी थी। कोविड-19 डेडीकेटेड केयर सेंटर होने के चलते ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्लांट का और अधिक महत्व है। विभाग ने ऑक्सीजन प्लांट को एक सप्ताह के भीतर शुरू करने का दावा किया गया था। यही नहीं सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं ने भी प्लांट मशीनरी के साथ तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया व अखबारों में बड़ी उपलब्धि का बखान भी किया था। लेकिन, एक माह बीत जाने के बावजूद प्लांट को स्थापित करना तो दूर ऑक्सीजन प्लांट की मशीनरी को सुरक्षित रखना भी स्वास्थ्य महकमे के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
स्थानीय लोगों पवन कुमार, सुमन शर्मा, दिनेश शर्मा, आशुतोष शर्मा, राजदेव, नितिन, उमेश, प्रेम सिंह ठाकुर आदि ने स्वास्थ्य महकमे के गैर जिम्मेदाराना रवैये पर आक्रोश व्यक्त करते हुए मांग की कि ऑक्सीजन प्लांट को शीघ्र स्थापित किया जाए। उधर, खंड चिकित्सा अधिकारी अभिनीत शर्मा ने कहा कि आगामी 7 दिनों के भीतर ऑक्सीजन प्लांट कार्य करना शुरू कर देगा। प्लांट को स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। खुले प्रांगण में रखे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्लांट की मशीनरी अधिक भारी होने के चलते इसे शिफ्ट नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि विभाग आक्सीजन प्लांट शीघ्र स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।
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