शिमला-मटौर-नौणी से नम्होल तक फोरलेन के लिए अधिग्रहित की गई है जमीन
-शिकायत मिलने के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ने की कार्रवाई
-प्रशासन बोला,फोरलेन पर पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं 50-50 मीटर पर बुर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिमला-मटौर-नौणी से नम्होल तक फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के दोनों ओर बुर्जी लगाने के निर्देश जारी हुए हैं। उपरोक्त निर्देश अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व सरकार हिमाचल प्रदेश ने उपमंडल दंडाधिकारी सदर को अपने कार्यालय के पत्र संख्या रैव डी (जी) 7-3/2023 में जारी किए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि यह बाउंड्री पिलर पहले ही लगाए जा चुके हैं।
अधिकारी को जारी पत्र में कहा गया है कि मामले में उचित एवं आवश्यक कार्रवाई करते हुए बुर्जियों को नियमानुसार मौके पर लगाना सुनिश्चित करें। वहीं, वस्तुस्थिति से सरकार के साथ आवेदकों को भी अवगत करवाएं। उपमंडल अधिकारियों एवं दंडाधिकारी को दिए गए उपरोक्त निर्देशों की पुष्टि अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद ने की है। बताते चलें कि एनएचएआई ने उपरोक्त परियोजना के दोनों ओर 100-100 मीटर पर बुर्जियों को स्थापित किया, लेकिन इसके बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया कि इन बुर्जियों का पता ही नहीं चल रहा है, कि यह कहां पर स्थापित हैं। ग्रामीणों के विरोध के बाद उपायुक्त कार्यालय ने परियोजना निदेशक हमीरपुर के साथ बैठक की। इसमें इन बुर्जियों को 50-50 मीटर पर लगाने के निर्देश जारी हुए। इसके बाद यहां पर यह बुर्जियां लगाई गई। अब अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व को शिकायत भेजी गई थी कि इन बुर्जियों पर रोड डिस्टेंस नंबर (आरडी नंबर) दर्ज नहीं किए गए हैं। जब तक आरडी नंबर दर्ज नहीं होते हैं तब तक जमीन विवाद बना रहेगा। शिकायत मिलने के बाद अब अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ने यह निर्देश जारी किए हैं। इसमें लिखा है कि बाउंड्री पिलर स्थापित किए जाएं। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव राजस्व को पत्र लिखकर इस मामले में निजी दखल देकर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया था। जिस पर यह कार्रवाई हुई है।
कोट
आरडी नंबर लगाना एजेंसी का काम
उक्त परियोजना में पहले 100 मीटर पर बुर्जी लगाई गई थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद अब इसे 50 मीटर पर उक्त आदेशों से पहले ही स्थापित किया जा चुका है। बाउंड्री पिलर पर आरडी नंबर लगाने का दायित्व उनके कार्यक्षेत्र से बाहर का है। फोरलेन का काम करने वाली एजेंसी आरडी नंबर लगाएगी। इसके लिए एनएचएआई को भी दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
-अभिषेक कुमार गर्ग,उपमंडल दंडाधिकारी सदर, बिलासपुर