किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद, पश्चिम बंगाल व कर्नाटक के व्यापारियों को भी किया आमंत्रित
-जिले के 4000 किसान परिवारों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज़ एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। जिले के कोकून उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। रेशम विभाग ने इस बार कोकून की खरीद खुली बोली के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है। घुमारवीं में 8 - 10 जून तक कोकून की खुली बोली लगेगी। इससे किसानों को उनकी उपज के बेहतर दाम मिल सकेंगे। वहीं बाहरी राज्यों के व्यापारियों की भागीदारी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी ।
जिले में करीब 4000 किसान परिवार रेशम पालन और कोकून उत्पादन से जुड़े हुए हैं। कोकून उत्पादन का कार्य लद्दा, कोठी मझेड़, घुमारवीं, हटबाड़, कंदरौर, औहर, हरलोग, पंजगाई, दसलेहड़ा, भड़ोली कलां, पड़यागल, जगातखाना और पोहणी रेशम पालन केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। रेशम विभाग के अनुसार रेशम के कीड़े का जीवन चक्र लगभग 25 दिनों का होता है और इसका पूरा पालन-पोषण शहतूत के पत्तों पर निर्भर करता है। किसान निर्धारित अवधि में कीड़ों का पालन कर कोकून तैयार करते हैं, जिसकी बाद में खरीद की जाती है।
पिछले वर्ष ए ग्रेड कोकून 1700 रुपये, बी ग्रेड 1500 रुपये, सी ग्रेड 1200 रुपये, डबल कोकून 900 रुपये तथा खराब कोकून 400 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिका था। हालांकि किसानों की ओर से लंबे समय से कोकून के अपेक्षित मूल्य न मिलने की शिकायतें उठती रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार बाहरी राज्यों के व्यापारियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल किया गया है। किसानों का मानना है कि अधिक खरीदारों की मौजूदगी से बोली प्रतिस्पर्धी होगी और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा। इससे रेशम पालन व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उपनिदेशक रेशम विभाग बलदेव चौहान ने बताया कि घुमारवीं में 8 से 10 जून तक कोकून खरीद की जाएगी। किसानों को उनकी उपज के बेहतर दाम मिल सकें, इसके लिए पश्चिम बंगाल और कर्नाटक सहित बाहरी राज्यों के व्यापारियों को भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि खुली बोली की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसानों को अधिकतम लाभ मिले।