बिलासपुर। प्रदेश सरकार जिले में कोविड की तीसरी लहर से लड़ने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन धरातल पर इससे लड़ने के लिए अभी तक पूरी तैयारी नहीं कर पाई है।
विशेषज्ञों की मानें तो कोविड की तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चे संक्रमित होंगे, लेकिन बिलासपुर में बाल विशेषज्ञों के नाम पर करीब डेढ़ लाख की आबादी के लिए मात्र तीन चिकित्सक तैनात हैं। वहीं, अगर बड़ी मात्रा में जिले में बच्चे संक्रमित हुए तो बाल विशेषज्ञों का टोटा रहेगा।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोविड की तीसरी लहर से लड़ने के लिए नागरिक अस्पताल घुमारवीं में बच्चों के लिए 10 बेड रिजर्व किए हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में 20 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है।
वहीं, जिले के तीन कोविड केयर केंद्रों में भी बच्चों को भर्ती करने की सुविधा रखी गई है, लेकिन सोचने की बात यह है कि जिले में 0-15 साल तक की करीब डेढ़ लाख की आबादी है। वहीं, बिलासपुर में 120 उप स्वास्थ्य केंद्र, 38 सीएचसी, 11 सीएचसी, 4 सीएच और एक जिला अस्पताल है। पीएचसी और उप स्वारूथ्य केंद्रों में सामान्य एमबीबीएस और फार्मासिस्ट की तैनाती की गई है, लेकिन इनमें से किसी भी हेल्थ सब सेंटर, पीएचसी में बाल विशेषज्ञ तैनात नहीं है, जबकि इनमें से ज्यादातर हेल्थ सेंटर ऐसे क्षेत्रों में हैं, जहां से लोगों को जिला अस्पताल पहुंचने में 1 से दो घंटे का समय लगता है। वहीं, झंडूता विस क्षेत्र में सबसे ज्यादा पिछड़ी पंचायतें हैं। ऐसे में अगर किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ती है तो उसे समय पर इलाज देना स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
सीएमओ बिलासपुर डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि जिले में वर्तमान में तीन बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। इसमें एक जिला अस्पताल, दूसरा नागरिक अस्पताल घुमारवीं और तीसरा नागरिक अस्पताल घवांडल में तैनात किया गया है। कहा कि तीसरी लहर के लिए विभाग अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर रहा है। इसके लिए घुमारवीं और जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 30 बेड रिजर्व किए गए हैं।