बिलासपुर/घुमारवीं। प्रदेश में दिन प्रतिदिन बढ़ रही प्याज की कीमतों ने गृहिणियों की रसोई का बजट पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। हालत ऐसी है कि जिला में प्याज के दाम 100 रुपये को पार कर चुके हैं। ऐसे में प्याज आम लोगों की पहुंच से दूर हो गया है। वहीं, महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से प्याज के दाम 100 और उसके आसपास मंडरा रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि सरकार को प्याज के दामों पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए क्योंकि आम आम से लेकर खास सब की जरूरत है।
बिलासपुर और घुमारवीं शहर में प्याज की कीमत 100 से ऊपर चली गई है। अब जो लोग एक किलो प्याज खरीद रहे थे, वे भी आधा किलो और उससे कम खरीद रहे हैं। गृहिणियां सरकार से मांग कर रही हैं कि जो जरूरत की चीजें हैं, उनके दाम पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। इससे आज आम आदमी और जनता महंगाई की मार से परेशान हैं और हर किसी का बजट डगमगा गया है।
गृहिणी गुलशन ने कहा कि आम जनता महंगाई की मार से परेशान है और प्याज के दाम तो आसमान को छू रहे हैं। प्याज के मुकाबले डॉलर भी फीका पड़ रहा है और सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है। जिसे सिर्फ अपनी चिंता है तथा आम जनता की परवाह नहीं है। कविता सोनी ने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम नियंत्रण में होने चाहिए, जिससे गृहिणी की गृहस्थी भी ठीक ढंग से चलेगी।
रंजू देवी ने कहा कि बाजार में प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं, जो सत्ता हथियाने के लिए बड़ी-बड़ी बातें करते थे, वह अब चुप बैठे हैं। जब आम लोगों की किसी को भी परवाह नहीं है तो इन नेताओं को भी अब सबक सिखाने का समय आ गया है, क्योंकि इनके लिए हर तरह की वस्तुएं सस्ती कीमत पर उपलब्ध हो जाती हैं। बिलासपुर की मीना कुमारी, मोनिका, सुमन और सपना का कहना है कि प्याज ने पूरे घर का बजट खराब कर रखा है। उक्त महिलाओं ने सरकार से मांग की है कि प्याज के दामों पर नियंत्रण करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं ताकि गृहणियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।