- जिला स्तरीय सुन्हाणी नलवाड़ मेले का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। मेले मेल-मिलाप एवं भाईचारे का प्रतीक होते हैं। संस्कृति को आगे आने वाली पीढ़ी को हस्तांतरित करने में मेले और त्योहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह विचार जिला स्तरीय सुन्हाणी नलवाड़ मेले के समापन समारोह पर एसडीएम झंडूता योगराज धीमान ने व्यक्त किए। उन्होंने लोगों को मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सुन्हाणी राजाओं के समय से कहलूर रियासत की राजधानी होती थी। उस समय से इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। सुन्हाणी मेले के प्राचीन स्वरूप को लोगों के सहयोग के साथ संभाल कर रखा है। इसके लिए वह सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि यह मेला सभी की गौरवमयी सोच का प्रतीक है। इस नलवाड़ मेला के एक दिवसीय कुश्ती में ओंकार जम्मू ने छोटी माली जीती। बड़ी माली में पीटी बठिंडा विजेता रहे। बड़ी माली के विजेता पहलवान को 15 हजार रुपये और गुर्ज, उपविजेता को 13 हजार रुपये की राशि दी गई। इस मौके पर मेला कमेटी की प्रधान गायत्री देवी ने मेले का इतिहास बताया। उन्होंने समस्त पंचायत वासियों का मेले के सहयोग के लिए आभार व्यक्त भी किया। उन्होंने मुख्यातिथि का शॉल और टोपी पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर पंचायत प्रधान उपेंद्र परमार, व्यापार मंडल के प्रधान प्रकाश चंद्र वर्मा, विक्रम परमार, सुरेंद्र कौशल, रामेश्वर कौशल सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।