बिलासपुर। नगर की नवीन मंडी के सभी दस केंद्रों पर करीब अस्सी हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। एसडब्लूसी के गोदामों पर चल रहे गेहूं उतार के विवाद को लेकर सभी केंद्रों पर गेहूं की बोरियों के ढेर खुले आसमान के नीचे लगे हैं। शुक्रवार को अधिकारियों ने ट्रक यूनियन के लोगों से वार्ता कर तय कर लिया है कि गोदाम के कांटे पर पहुंचने वाले गेहूं भरे हुए ट्रक का उतारने के लिए नंबर दो लोग लगाएंगे, जिसमें एक व्यक्ति ट्रक यूनियन व एक व्यक्ति सरकारी कर्मचारी होगा।
नगर व क्षेत्र में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों का भंडारण नगर में उप्र राज्य भंडार निगम के गोदाम तथा दूसरा उतार ग्राम मुंडिया खुर्द के एक राइस मिल में किया जा रहा है। ट्रक यूनियन के लोगों ने एसडब्लूसी के गोदामों पर हो रहे उतार में अधिकारियों द्वारा मनमाने तौर पर अपने चहेतों की गाड़ियां उतारे जाने का आरोप लगाया गया था। उनका कहना था कि पहले यूनियन द्वारा ट्रक उतार के लिए नंबर लगाए जाने की व्यवस्था ही बहाल होनी चाहिए थी। गुरुवार को इसी बात को लेकर यूनियन और गोदाम के अधिकारियों के बीच विवाद भी हुआ था। मांग पूरी न होने पर यूनियन अपने गेहूं भरे सारे ट्रक लेकर वापस चली गई थी। शुक्रवार को गोदाम कार्यालय में डिप्टी आरएमओ अनुपम कुमार, गोदाम प्रबंधक रजनीश कुमार, एसएमआई मधु, सीमा गुप्ता, तारिक हुसैन, मंडी सचिव उदयवीर सिंह गंगवार की ट्रक यूनियन अध्यक्ष देशराज सिंह आदि के साथ वार्ता हुई। जिसमें तय हुआ कि गोदाम के कांटे पर ही नंबर लगाया जाएगा, जिसमें दो लोग मौजूद रहेंगे। नंबर लगाने वालों में एक व्यक्ति ट्रक यूनियन और दूसरा गोदाम का कर्मचारी शामिल रहेगा। इस प्रस्ताव को सर्व सम्मति से पारित कर दिया गया। गोदाम प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार को 42 गाड़ियां उतारी गई हैं। सचिव का कहना है कि उतार शुरू होने से मंडी में लगे गेहूं के ढेर खतम हो जाएंगे।
मंडी का भी टेंडर हुआ
बिलासपुर। मंडी समिति के सचिव उदयवीर सिंह गंगवार ने बताया कि मंडी समिति के केंद्र पर हो रही गेहूं खरीद के बाद गेहूं के ढेर लग गए हैं, मगर गेहूं उठान का अभी तक कोई ठेका ही नहीं हुआ था। उनका कहना है कि गुरुवार को ठेका हो गया है और दो दिन में ठेकेदार द्वारा गेहूं उठान का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद ही वह समिति के केंद्र पर रुकी हुई गेहूं की खरीद को भी चालू कर देंगे।