एम्स बिलासपुर में मरीजों व तीमारदारों को बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी देतीं नर्सिंग प्
मेडिसिन वार्ड में स्वास्थ्य शिक्षा सत्र आयोजित, ग्लूकोमीटर से शुगर जांचने का तरीका भी समझाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में नर्सिंग विद्यार्थियों ने मरीजों और उनके तीमारदारों को अचानक बुखार आने और रक्त में शर्करा का स्तर कम होने पर जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने लक्षणों की पहचान, बचाव और समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी।
एम्स के ए ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर स्थित मेडिसिन वार्ड के प्रतीक्षा क्षेत्र में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य शिक्षा सत्र आयोजित किया। इसमें रक्त में शर्करा का स्तर कम होने की स्थिति यानी हाइपोग्लाइसीमिया के कारणों, लक्षणों और तत्काल प्रबंधन के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों ने ग्लूकोमीटर की मदद से रैंडम ब्लड शुगर (आरबीएस) जांचने की विधि भी समझाई और इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
विद्यार्थियों ने अचानक बुखार आने पर शरीर का तापमान नियमित रूप से जांचने, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने और आराम करने की सलाह दी। साथ ही बुखार के दौरान दिखाई देने वाले चेतावनी संकेतों की जानकारी देते हुए समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने के महत्व को समझाया।
यह गतिविधि एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह और कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रधानाचार्य डॉ. मोनालिजा के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इसका उद्देश्य मरीजों और तीमारदारों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाने के लिए शिक्षित करना था।