मंत्री धर्माणी ने एक सप्ताह में एस्टीमेट तैयार करने के दिए आदेश, बिस्तरों की भी बढ़ाई जाएगी संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में डायलिसिस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर एस्टीमेट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें अस्पताल में डायलिसिस के लिए कितनी मशीनें और कितने बिस्तर बढ़ाए जा सकते हैं, इसका आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर सुविधा विस्तार की आगामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन मौजूदा डायलिसिस व्यवस्था, मरीजों की संख्या, उनकी जरूरत और उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर एस्टीमेट तैयार करेगा। इसके बाद सरकार अस्पताल में पहले से डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करवा रही संस्था के साथ टाइअप कर सुविधा का विस्तार करेगी। इससे मौजूदा व्यवस्था का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक मरीजों को नियमित डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। टाइअप के बाद सुविधा विस्तार के लिए संस्था को आवश्यक भुगतान या वित्तीय सहयोग सरकार की ओर से उपलब्ध करवाया जाएगा। इसका उद्देश्य डायलिसिस के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाना और उन्हें अनावश्यक परेशानी से बचाना है। क्षमता बढ़ने से मरीजों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और अधिक लोगों को नियमित डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। डायलिसिस सुविधा बढ़ने से क्षेत्रीय अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए उपचार की व्यवस्था भी बेहतर होगी। सरकार का प्रयास है कि नियमित डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
छह मशीनों से हो रहा डायलिसिस, एक हेपेटाइटिस मरीजों के लिए रिजर्व
वर्ष 2025 में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में 41 मरीजों के 3,732 डायलिसिस सत्र किए गए, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 40 मरीजों के 1,272 डायलिसिस सत्र किए जा चुके हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त डायलिसिस मशीनें उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में अस्पताल में छह डायलिसिस मशीनें है जिसमें एक हेपेटाइटिस के मरीज के लिए रिजर्व रहती है।
कोट
डायलिसिस सुविधा की क्षमता बढ़ाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें मशीनों और बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर सुविधा विस्तार की आगामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
-राजेश धर्मानी,तकनीकी शिक्षा, मंत्री