संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठीपुरा में सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवियों ने दिन की शुरुआत योग और व्यायाम से की। दूसरे दिन बतौर रिसोर्स पर्सन के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से मुख्यातिथि पहुंचे योगाचार्य भूमेश कुमार ने व्यक्तित्व विकास में योग की भूमिका की जानकारी दी। कहा कि योग हमें शारीरिक, मानसिक शक्तियों का उचित प्रयोग करने एवं उन्हें विकसित करने के लिए प्रेरित करता है। योग, उसकी क्रियाएं शरीर, मन को अनुशासित कर जीवन के आनंद की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होती है। योग की यह अवधारणा है कि संतुलित एवं उन्नत व्यक्तित्व-विकास के लिए इसके शारीरिक,मानसिक, आध्यात्मिक इन तीनों पक्षों पर समुचित ध्यान देना जरूरी है। कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए सबसे पहले अपने तन और मन को स्वस्थ रखना आवश्यक है। जीवन में किसी भी भौतिक सुख का अनुभव वही व्यक्ति प्राप्त कर सकता है, जिसका तन और मन स्वस्थ है। आज लोगों ने योग शक्ति अपनाकर कई रोगों को दूर किया है और अपनी जिंदगी को खुशहाल बनाया है। इसी का नतीजा है कि आज योग ने पूरे विश्व में अपनी एक मजबूत जगह बना ली है। योग द्वारा हमें एक नयी उर्जा मिलती है और योग हमारे मन और शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है।