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Bilaspur News: अब लार से होगी चिट्टे समेत नशीले पदार्थों की पहचान

Wed, 28 Jan 2026 11:18 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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पुलिस अधीक्षक संदीप धवल।
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सलाइवा आधारित ड्रग टेस्टिंग मशीन का ट्रायल कर रही पुलिस
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मौके पर ही नशीले पदार्थों के सेवन की पुष्टि हो सकेगी संभव
नशे के खिलाफ बिलासपुर पुलिस की हाईटेक पहल

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में नशे के बढ़ते मामलों और चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग्स) के फैलते नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने हाईटेक तकनीक अपनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। अब बिलासपुर पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए सलाइवा (लार) आधारित ड्रग टेस्टिंग मशीन का ट्रायल कर रही है, जिससे मौके पर ही नशीले पदार्थों के सेवन की पुष्टि संभव हो सकेगी।
जिले में लगातार सामने आ रहे नशे से जुड़े मामलों और युवाओं में बढ़ती लत को देखते हुए पुलिस प्रशासन इसे बड़ी चुनौती मान रहा है। ऐसे में यह नई तकनीक नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को और मजबूती प्रदान करेगी। पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि नशे की रोकथाम को लेकर जिला पुलिस पूरी तरह गंभीर है और पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ तकनीकी संसाधनों को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक निजी कंपनी के सहयोग से सलाइवा-बेस्ड ड्रग टेस्टिंग किट का परीक्षण शुरू किया गया है। फिलहाल मंडी-भराड़ी क्षेत्र में इस मशीन के ट्रायल किए गए हैं। एसपी ने बताया कि यह मशीन लार के नमूनों के आधार पर अफीम, ओपिओइड, कैनबिस समेत अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की पहचान करने में सक्षम है। सलाइवा-बेस्ड ड्रग टेस्टिंग मशीन के माध्यम से संदिग्ध व्यक्ति की लार का नमूना लिया जाएगा। नमूना मशीन में डालते ही कुछ ही मिनटों में रिपोर्ट उपलब्ध हो जाएगी। रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से सामने आ जाएगा कि व्यक्ति ने किस प्रकार का नशीला पदार्थ सेवन किया है। इससे पुलिस को मौके पर ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने में सुविधा मिलेगी और जांच प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा।
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इनसेट
ट्रायल रिपोर्ट के बाद होगा अंतिम फैसला
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंडी-भराड़ी क्षेत्र में किए गए ट्रायल के परिणामों का गहनता से सत्यापन किया जा रहा है। तकनीक की सटीकता और विश्वसनीयता का आकलन करने के बाद ही इसे नियमित उपयोग में लाने का निर्णय लिया जाएगा। यदि ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है, तो जिला पुलिस इन मशीनों की खरीद कर इन्हें नाकाबंदी, चेकिंग और विशेष अभियान के दौरान इस्तेमाल में लाएगी।
इनसेट
चिट्टे के अवैध नेटवर्क पर कस सकेगा शिकंजा
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक के लागू होने से न केवल नशे का सेवन करने वालों की पहचान आसान होगी, बल्कि चिट्टे के अवैध कारोबार से जुड़े तस्करों और नेटवर्क को तोड़ने में भी मदद मिलेगी। मौके पर जांच संभव होने से तस्करी से जुड़े सुराग भी जल्द सामने आ सकेंगे।
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कोट
नशा मुक्त जिला बनाने की दिशा में कदम
नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ सख्त कार्रवाई भी जारी रहेगी। सलाइवा-बेस्ड ड्रग टेस्टिंग मशीन को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे जिले को नशा-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति होने की उम्मीद है।
संदीप धवल, एसपी बिलासपुर
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