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Bilaspur News: मनरेगा अपीलीय प्राधिकरण में सुनवाई के लिए 10 लोगों को भेजा नोटिस

Mon, 18 Nov 2024 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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-26 नवंबर को होगी मामले की सुनवाई
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-अपील में किसी एक पक्ष के शामिल न होने पर एकतरफा होगी सुनवाई


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम अपीलीय प्राधिकरण ने अपील संख्या 117/2024 की सुनवाई के लिए 10 लोगों को नोटिस भेजा है। यह अपील मदन लाल ने दायर की है। अपीलकर्ता ने ग्राम पंचायत बकरोआ के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अपनी शिकायत, विवाद को लेकर अपील की है।
नोटिस में कहा गया है कि 26 नवंबर 2024 को सुबह 11:30 बजे अपीलीय प्राधिकरण के कार्यालय में सुनवाई होगी। अपील में शामिल पक्षों को सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा गया है, अन्यथा अपील की सुनवाई एकतरफा की जाएगी और निर्णय लिया जाएगा। ब्लॉक विकास अधिकारी कम प्रोग्राम अधिकारी मनरेगा घुमारवीं, सचिव ग्राम पंचायत बकरोआ, तहसील घुमारवीं, बकरोआ पंचायत की प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, तकनीकी सहायक, ग्राम सेविका, पटवारी हल्का बकरोआ, एक स्थानीय व्यक्ति और खुद शिकायतकर्ता को यह नोटिस जारी हुआ है।
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अपीलीय प्राधिकरण के अध्यक्ष/सदस्य ने 14 नवंबर 2024 को यह नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार, सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। यदि कोई पक्ष उपस्थित नहीं होता है, तो अपील की सुनवाई एकतरफा की जाएगी और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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इनसेट
क्या है मामला
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत बकरोआ के कुछ जनप्रतिनिधियों और एक लाभार्थी ने मनरेगा योजना का गलत उपयोग किया। शिकायत के अनुसार 14 अगस्त 2023 को भारी भूस्खलन हुआ था, जिसके बारे में पटवारी हल्का बकरोआ ने 19 अगस्त को रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में यह कहा गया था कि लाभार्थी के मकान के पीछे भूस्खलन हो रहा है, लेकिन यह जानकारी रोजनामचा में दर्ज नहीं की गई, और इसकी पुष्टि आरटीआई के माध्यम से हुई। इसके बाद, लाभार्थी ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर ग्राम पंचायत बकरोआ में शपथ पत्र के साथ आवेदन दिया, जिससे उसे एक लाख रुपये की स्वीकृति मिली। बावजूद इसके, पंचायत द्वारा मौके का जियो टैग किए जाने के बाद भी, बाहरी श्रमिकों से काम कराया गया, जो नियमों के खिलाफ था। शिकायतकर्ता ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई है। कहा है कि जब भू स्खलन हुआ ही नहीं है तो मनरेगा के तहत कैसे उपयुक्त व्यक्ति को लाभान्वित किया गया। जिसकी शिकायत के बाद अब यह कार्रवाई शुरू हुई है।
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