क्रेशर के लिए दी गई एनओसी को पंचायत ने किया रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के तहत लंझता पंचायत में प्रस्तावित क्रशर को लेकर चला आ रहा विवाद आखिरकार ग्रामीणों के पक्ष में समाप्त हो गया। पंचायत द्वारा क्रशर स्थापना के लिए पहले दी गई एनओसी को ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते रद्द कर दिया गया है।
पंचायत में रविवार को आयोजित आमसभा की बैठक में दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और एकजुट होकर क्रशर के लिए दी गई एनओसी को निरस्त करने की मांग उठाई। ग्रामीणों की भावनाओं और आपत्तियों को देखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से एनओसी को रद्द करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र के वेला गांव के समीप सिर खड्ड में क्रशर लगाने की प्रक्रिया शुरू होते ही क्षेत्र में असंतोष फैल गया था। बता दें कि बीते दिनों क्रशर स्थापना को लेकर मौका रिपोर्ट तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट शब्दों में क्रशर न लगाने की मांग रखी। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए अधिकारियों को बिना रिपोर्ट तैयार किए ही वापस लौटना पड़ा था। ग्रामीणों ने आमसभा में अपनी आपत्तियां रखते हुए कहा कि यदि सिर खड्ड में क्रशर लगाया गया तो क्षेत्र को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। सबसे बड़ा खतरा पर्यावरण को होने वाला नुकसान है। ग्रामीणों के अनुसार शिवा प्रोजेक्ट के तहत क्षेत्र में लगभग 21 हजार पौधे लगाए गए हैं, जिनका अस्तित्व क्रशर लगने से खतरे में पड़ सकता है। धूल, कंपन और शोर के कारण इन पौधों के नष्ट होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा ग्रामीणों ने पेयजल संकट की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना है कि सिर खड्ड क्षेत्र में क्रशर लगने से आसपास की पेयजल योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। खड्ड में होने वाली खोदाई और भारी मशीनरी के इस्तेमाल से जलस्रोतों के सूखने या प्रदूषित होने का खतरा बना रहेगा। इससे न केवल लंझता पंचायत बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को भी पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ सकता है। पंचायत उप प्रधान अजय कुमार ने कहा कि पंचायत का यह निर्णय ग्रामीणों की सहमति और क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले भी ग्रामीणों की राय हर कार्य में ली गई है।