राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिनभर रहता है वाहनों का दबाव
बच्चों, बुजुर्गों को सड़क पार करने में 15-20 मिनट तक करना पड़ता है इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शहर के बीचोबीच से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-103 पर राहगीरों के लिए सड़क पार करना चुनौती बनता जा रहा है। शहर में कई ऐसे प्रमुख स्थान हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक आते-जाते हैं। पर्याप्त जेब्रा क्रॉसिंग नहीं होने के कारण लोगों को वाहनों के बीच से रास्ता तलाशकर सड़क पार करनी पड़ रही है। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक परेशानी होती है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। सुबह स्कूल खुलने और दोपहर बाद छुट्टी के समय सड़क पर पैदल चलने वाले बच्चों की संख्या बढ़ जाती है। इसी दौरान वाहनों का दबाव भी अधिक रहता है। लोगों के अनुसार कई बार बच्चों को सड़क पार करने के लिए 15 से 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। वाहनों के बीच जगह मिलते ही उन्हें सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
स्कूलों के आसपास अधिक परेशानी
शहर के स्कूलों के आसपास स्थिति अधिक चिंताजनक है। सुबह स्कूल पहुंचने और छुट्टी के समय बड़ी संख्या में विद्यार्थी सड़क पार करते हैं। इन स्थानों पर स्पष्ट जेब्रा क्रॉसिंग नहीं होने से बच्चों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने में दिक्कत होती है।
अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों से व्यस्त यातायात के बीच सुरक्षित अवसर का इंतजार करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। ऐसे में स्कूलों और अन्य व्यस्त स्थानों के आसपास स्पष्ट पैदल पार पथ होना जरूरी है।
पुरानी जेब्रा क्रॉसिंग का पेंट मिटा
लोगों के अनुसार कुछ वर्ष पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक जगह जेब्रा क्रॉसिंग बनाई थी। सड़क पर किया पेंट समय के साथ मिट गया है। इससे राहगीरों को यह पता लगाने में भी परेशानी होती है कि सड़क पार करने के लिए निर्धारित स्थान कौन सा है।
लकी शर्मा, राहुल कुमार, सुरजीत कुमार, दीपक शर्मा, मदन लाल, अमित कुमार, परमिंदर, किशोरी लाल, राकेश, पवन और दुर्गा दास ने मांग की है कि राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्याप्त संख्या में जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएं। उन्होंने स्कूलों के आसपास और उन स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने की मांग की, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग सड़क पार करते हैं।
लोगों का कहना है कि जेब्रा क्रॉसिंग राहगीरों के लिए सड़क पार करने का निर्धारित स्थान होने के साथ वाहन चालकों को भी सतर्क रहने का संकेत देती है। इसके पास वाहन चालक गति कम करते हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सड़क पार करने में सुविधा मिल सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जेब्रा क्रॉसिंग के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
एनएचएआई के अधीन है सड़क
सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन आती है। सड़क पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने या उसके निशान दोबारा स्पष्ट करने का कार्य उनके विभाग के अधीन नहीं है।
-अनुज पराशर, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी