बिलासपुर जिला के किसानों को इस वर्ष कृषि विभाग चने का बीज उपलब्ध नहीं करवा पाया है। इस कारण चने की बीजाई करने वाले किसानों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। चने का बीज न मिलने से किसान कृषि विभाग के प्रति खफा हैं।
किसानों राजेंद्र सिंह, सुभाष चंद, राजेश कुमार, अवतार सिंह, कृष्ण चंद, एमएस ठाकुर, नैन सिंह, कृष्णु राम, टीडी शर्मा, प्रकाश चंद, शमशेर सिंह और बलदेव दास सहित अन्य किसानों ने बताया कि विभाग ने उन्हे चने का बीज देने का भरोसा दिया था। इसके लिए किसानों ने अपनी लगभग दस बीघा जमीन भी खाली रखी थी। किसानों ने बताया कि चने की बीजाई के लिए जब वे विभाग के पास बीज लेने पहुंचे तो उन्हें चने का बीज नहीं मिला।
किसानों का कहना है कि अधिकारियों ने कहा कि इस बार चने का बीज नहीं मिलेगा। कोई दूसरा बीज उपलब्ध करवा दिया जाएगा, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने पर भी बीज उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। ग्राम पंचायत बडगांव के किसानों ने बताया कि उन्होंने लगभग दस बीघा जमीन खाली रखी थी। इसमें चने का बीज लगाया जाना था, लेकिन विभाग के इस उदासीन रवैये के कारण उनकी जमीन खाली पड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि जब वह सोमवार को विभाग के पास गेहूं का बीज लेने के लिए गए तो गेहूं का बीज भी किसानों को नहीं दिया गया। जिस पर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। किसानों ने विभाग से आग्रह किया है कि उनको शीघ्र बीज उपलब्ध करवाया जाए, ताकि उनकी उपजाऊ भूमि खाली न रहे।
सप्लाई न आने के कारण आई समस्या
उधर, बरठीं स्थित कृषि अधिकारी वृजेश कुमार ने बताया कि पहले किसानों को चने का बीज दिया जाना था, लेकिन सप्लाई न आने के कारण वह किसानों को चने का बीज उपलब्ध नहीं करवा पाए हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं की सप्लाई भी एक सप्ताह बाद आएगी। वहीं, कृषि उपनिदेशक डा. बलवंत कुमार ठाकुर ने बताया कि विभाग ने चने के बीज की 50 क्विंटल डिमांड भेजी थी, लेकिन बीज उपलब्ध नहीं हो पाया। जिस कारण किसानों को विभाग चने का बीज मुहैया नहीं करवा सका। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि चने के स्थान पर मटर की बीजाई करें। उन्होंने बताया कि बरठीं में गेहूं का बीज दो दिन तक पहुंचा दिया जाएगा।