चंगर उठाऊ सिंचाई योजना और नयना देवी पुरानी योजना के कर्मचारियों में रोष
बोले- अब आश्वासन नहीं, वेतन चाहिए
वेतन न मिलने से कई कर्मचारी नौकरी छोड़ने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। श्री नयना देवी जी क्षेत्र की चंगर उठाऊ सिंचाई योजना और नयना देवी पुरानी योजना पर कार्यरत कर्मचारी पिछले डेढ़ साल से वेतन न मिलने के कारण बदहाली की कगार पर पहुंच चुके हैं। ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे ये कर्मचारी रोज पानी की आपूर्ति तो संभाल रहे हैं, लेकिन उनके अपने घरों में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई कर्मचारियों ने भूखे रहने की बात तक कही है।
कर्मचारियों के मुताबिक विभाग और ठेकेदार की उदासीनता ने उनकी जीवनचर्या तहसनहस कर दी है। करीब 30 लाख रुपये का भुगतान विभाग और ठेकेदार की फाइलों में अटका हुआ है। पहले जहां योजना पर 32 कर्मचारी तैनात थे, अब वेतन न मिलने से केवल 23 कर्मचारी ही बचे हैं। कर्मचारी अजय कुमार, विजय कुमार, देवेंद्र, कुलवंत, शशिपाल, गुरुदेव, बलबीर, राकेश सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि वे छह महीने से लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें वेतन के रूप में कुछ भी नहीं मिला है। कई बार अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, पैसा नहीं। दूसरी ओर दबट की मध्य उठाऊ सिंचाई योजना के कर्मचारी भी इसी दर्द से गुजर रहे हैं। उनका भी वेतन बकाया है। कई कर्मचारी मजबूरी में नौकरी छोड़ चुके हैं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विभागीय अधिकारियों और यहां तक कि लेबर कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। उधर, शनिवार को श्री नयना देवी में पेयजल आपूर्ति बाधित रही। लोग पूरे दिन पानी के लिए तरसते रहे। इस बारे में अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। दबट योजना के कर्मचारियों ने बताया कि अधिशासी अभियंता की ओर से 25 नवंबर तक वेतन दिलाने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन कर्मचारी अब आश्वासनों से तंग आ चुके हैं। कर्मचारियों का साफ कहना है कि यदि शीघ्र वेतन जारी नहीं हुआ, तो योजना बंद कर दी जाएगी।