महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं(बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के सबसे बड़े व्यापारिक कस्बे बरठीं में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध न होने से बाजार में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए बरठीं पहुंचते हैं, लेकिन सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान की मांग के बावजूद अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि बाजार में पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाएं होना जरूरी है, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परेशानी न हो। बड़गांव चौक में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य शुरू तो किया गया है, लेकिन इसकी धीमी गति के कारण लोगों को सुविधा मिलने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इस सुविधा की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी तो निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाना चाहिए था। स्थानीय निवासी कैप्टन राजेश ढटवालिया ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के बावजूद बरठीं जैसे प्रमुख व्यापारिक कस्बे में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं है। बाजार में आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बरठीं में शौचालय का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है। प्रशासन को निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द जनता के लिए खोलना चाहिए। पंचायत सचिव राजेंद्र शर्मा ने फोन पर बताया कि पंचायत चुनाव के कारण सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य रुक गया था। अब कार्य को दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।