भराड़ी(बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के दधोल पंचायत के जसवाणी व छंदोह गांव के लोगों के लिए 15 वर्ष पहले मनरेगा के तहत बनी कच्ची सड़क आज अपना अस्तित्व खो रही है। जिस कारण गांव के लोग सड़क सुविधा से महरूम है। पिछले कई वर्षों यहां के बाशिंदे सड़क को पक्का करने की मांग हर मंच पर उठाते रहे हैं।
गांव के लोगों ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले मनरेगा के तहत यहां पर दो गांव के दो सौ परिवारों के लिए कच्ची सड़क का निर्माण किया गया था। गांव के ग्रामीणों को पक्की सड़क सुविधा मिल सके , इसके लिए लोगों ने हर सरकार के समक्ष मांग रखी लेकिन आज तक सड़क सुविधा न के बराबर है। नेशनल हाईवे 103 निहारी से छंदोह, जसवाणी के लिए 15 वर्ष पहले सड़क निकाली गई थी। आज सड़क पर गड्ढे हैं। रखरखाव की कमी के चलते गाड़ियों का आना-जाना बंद हो चुका है। परमजीत, विपन, मदन, चुनी लाल, दाता राम, सुरम सिंह, शक्ति सिंह, रत्न सिंह, तरसेम सिंह, आदि ने बताया कि सड़क सुविधा न होने के कारण यहां के ग्रामीण दिक्कतों भरा जीवन जी रहे हैं।
मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को तीन किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह कच्ची सड़क बुरी तरह से बंद हो जाती है, यहां तक कि पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। विभाग लोगों को जल्द सड़क सुविधा देने की बात तो करता है लेकिन धरातल पर दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों को अपने घर पहुंचने के बद्धाघाट होकर करीब 10 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में अगर कोई अनहोनी घटना गांव में हो जाए या कोई बीमार हो जाए मुश्किल हो सकती है। अधिशासी अभियंता दीपक कपिल ने कहा कि सड़क का मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। इस सड़क को नावार्ड के तहत चयनित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मंजूरी मिलते ही सड़क का काम शुरू कर दिया जाएगा।