बिलासपुर। जिले में 25 पंचायतें कोरोना मुक्त हो गई हैं। इनमें से कुछ गांव ऐसे हैं जिनमें आज तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। जिले में कुल 176 पंचायतें हैं। कुछ पंचायतों ने बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लानी अनिवार्य की है। वहीं फेरी वालों की गांव में आने पर पाबंदी लगाई गई है।
ग्रामीण इलाकों में कोराना के मामले बढ़ने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने सख्त कदम उठाए। वहीं लोगों ने भी कोरोना नियमों की पालना की। इसके चलते जिले की 176 में से 25 पंचायतें कोरोना मुक्त हो गई हैं। सदर में 49, घुमारवीं में 59, झंडूता में 42 और श्री नयनादेवी में 26 पंचायतें हैं। सदर क्षेत्र में छकोह व छड़ोल पंचायतें कोरोना मुक्त हो गई हैं। वहीं बाकी पंचायतों में भी कोरोना के सिर्फ 4 से 5 मामले ही बचे हैं। वहीं घुमारवीं की 59 में से 10 पंचायतों भलस्वाएं, मरहाणा, भराड़ी, बरोटा, त्यूनखास, कुठेड़ा, हटवाड़, तलवाड़ा, लद्दा, घंडालवीं में कोरोना का अब एक भी मामला नहीं है। वहीं इन पंचायतों में 13 गांव ऐसे हैं, जिनमें कोरोना ने अभी तक दस्तक नहीं दी है। वहीं झंडूता ब्लॉक में बैरी मियां, सनीहरा, बाला, पपलोआ, दाड़ी बाड़ी, बड़गांव, भोली कलां, मलराओं सहित इन 8 पंचायतों में कोरोना का कहर थम गया है। वहीं श्री नयनादेवी ब्लॉक में रोडजामन, कोटखास, लैहडी, री, तन्बौल पंचायतों में भी कोरोना का कोई मामला नहीं है।
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कोरोना रिपोर्ट और 5 दिन आइसोलेशन किया जरूरी
जिले में बंदला, छकोह, छडोल, बैरी राजादियां, बम्म, लद्दा, दकड़ी, भलस्वाएं, तलवाड़ा, गतवाड़, कुठेड़ा, बैरी मियां, सनिहरा, बाला, पपलोआ, दाड़ी बाड़ी, बड़गांव, भोली कलां, मलराओं, रोडजामन, कोटखास, लैहडी, री, तन्बौल पंचायतों ने बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए कोरोना की 72 घंटे की आरटीपीसीआर रिपोर्ट के बिना पंचायत में न आने के आदेश जारी किए हैं। वहीं बाहरी राज्यों से आने के बाद लोगों को 5 दिन घर में ही आइसोलेट रहने के आदेश दिए गए हैं। वहीं फेरी वालों के आने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। आदेशों की उल्लंघना करने पर जुर्माने की व्यवस्था की गई है।