डेंगू प्रभावित डियारा सेक्टर के एक घर में फॉगिंग करते स्वास्थ्य कर्मी।
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बिलासपुर। जिले में वीरवार को नौ डेंगू के मामलों की पुष्टि हुई है। यह सभी मामले एलाइजा टेस्ट में ही सामने आए हैं। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग तेजी के साथ उन क्षेत्रों में कार्य कर रहा है, जहां नए डेंगू के मामलों की पुष्टि हुई है। बिलासपुर शहर का डियारा सेक्टर डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित है। वीरवार को आए नौ मामलों में से सात मामले डियारा सेक्टर, एक मामला रौड़ा सेक्टर और एक मामला लुहणू गांव से सामने आया है।
कुल मिलाकर जिले में डेंगू से पीड़ित लोगों की संख्या 83 पहुंच गई है और उनका उपचार चल रहा है। करीब एक सप्ताह से प्रतिदिन पांच से 10 नए मामले डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं मौसम बदलने के साथ ही अस्पतालों में संदिग्ध बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और ओपीडी में भी काफी इजाफा देखा जा रहा है। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जा कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग भी की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि शुरुआत में सामान्य सा लगने वाला डेंगू का बुखार देरी या गलत इलाज से जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आपको डेंगू की सही जानकारी हो और इसके बचाव के उपाय के बारे में भी पता हो। डेंगू से बचाव के उपायों में सबसे अहम है कि आसपास पानी बिल्कुल जमा न होने दें। इसके अलावा शरीर में तेज दर्द, तेज बुखार, थकान, उल्टी, मसूड़े या नाक से खून आने जैसे कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर से तुरंत दिखाएं। साथ ही पूरे शरीर को ढक कर रखें। डेंगू के मच्छर अक्सर सुबह-शाम को काटते हैं। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें। शरीर में लाल चकत्ते दिखाई पड़े तो देर न करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।