सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता का भवन।
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झंडूता (बिलासपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) झंडूता में चिकित्सकों की कमी और अल्ट्रासाउंड सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं न होने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 25 पंचायतों के सैकड़ों गांव की 50 हजार से भी ज्यादा की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सीएचसी झंडूता पर निर्भर है, मगर यहां सुविधाएं न के बराबर है।
सीएचसी झंडूता में रोजाना 150 से 200 की ओपीडी है। मगर झंडूता अस्पताल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन की सुविधा है। अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ सहित पांच चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां सिर्फ तीन ही चिकित्सक तैनात हैं। इन तीनों में कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। ऐसे में क्षेत्र से आए मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सीधा जिला अस्पताल भेज दिया जाता है।
झंडूता अस्पताल में मरीज कोटधार क्षेत्र के गाह घोड़ी, मलराओ, धनी, मरोतन, बुहाड़, डुडिंयां, सलवाड़, कलोल, भड़ोलीकलां, जेजवीं, गेहड़वीं, डाहाड, ज्योरीपतन, नखलेहड़ा सहित अन्य कई क्षेत्रों से करीब 40 से 50 किलोमीटर का सफर कर आते हैं, लेकिन यहां पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। साथ ही अन्य कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में बिजली गुल होने पर जनरेटर की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। हालांकि विभाग ने एलईडी चार्जिंग बल्बों का प्रावधान किया है।
उधर, खंड चिकित्सा अधिकारी झंडूता डॉ. परविंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पदों के लिए विभागीय उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।