नगर परिषद कूड़ा प्रबंधन पर हर महीने करती है खर्च करती है लाखों रुपये
सफाई ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
जहरीले धुएं से लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सख्त आदेशों के बावजूद नगर परिषद घुमारवीं में खुले में कूड़ा जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को दिनदहाड़े शहर के कूड़े को जलाने का मामला सामने आया है। कैबिनेट मंत्री के आवास के पास जलाए गए कूड़े से नगर परिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार नगर परिषद के अधीन कार्य कर रहा सफाई ठेकेदार पिछले कई महीनों से शहर के अलग-अलग स्थानों पर कूड़ा जलाने का काम कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ खुलेआम किया जा रहा है और जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यह अब किसी एक दिन की घटना नहीं बल्कि लगातार दोहराई जा रही है। नगर परिषद हर महीने कूड़ा प्रबंधन के नाम पर करीब पांच से छह लाख रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं। वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निपटान की व्यवस्था करने के बजाय उसे आग के हवाले कर देना न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि जनता के स्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। प्लास्टिक और पॉलिथीन मिश्रित कचरे को जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैलकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और घुटन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे और बुजुर्ग इस धुएं से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
बताते चलें कि एनजीटी ने खुले में कूड़ा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है और उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों व जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद घुमारवीं में इन आदेशों की अनदेखी लगातार हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की गई हैं, लेकिन अब तक न तो ठेकेदार पर कोई कार्रवाई हुई और न ही किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मंत्री निवास के समीप ही दिनदहाड़े कूड़ा जलाया जा सकता है, तो शहर के अन्य हिस्सों में हालात क्या होंगे।
कोट
नगर परिषद की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह का कूड़ा नहीं जलाया जाएगा। फिर भी अगर ऐसा किया जा रहा है तो संबंधित सफाई कर्मचारी तथा ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि आगे से इस तरह खुले में कूड़ा न जलाया जा सके।
खेमचंद वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद घुमारवीं
घुमारवीं में खुले में जलाया जा रहा कूड़ा। संवाद