- जन शिक्षण संस्थान से आत्मनिर्भर बनकर दूसरों के लिए भी प्रेरक बनीं महिलाएं
- शाहतलाई में आयोजित हुआ कौशल दीक्षांत समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। प्रदेश में लुप्त हो रही संस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के प्रयास जारी हैं। यह बात स्पेशल ओलंपिक भारत की चेयरपर्सन एवं चेतना संस्था की संस्थापिका डॉ. मल्लिका नड्डा ने जन शिक्षण संस्थान बिलासपुर द्वारा आयोजित शाहतलाई में कौशल दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कही।
मल्लिका नड्डा और झंडूता के विधायक जेआर कटवाल ने कौशल दीक्षांत समारोह में विभिन्न समूहों के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कहा कि जन शिक्षण संस्थान बिलासपुर ने करीब पांच हजार महिलाओं को प्रशिक्षित कर व आत्मनिर्भर बनाने का कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 600 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया और 50 ने अपना स्वयं का कारोबार भी शुरू कर दिया है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के प्रयास की सरहाना करते हुए कहा कि अपने घर के काम को निपटा कर प्रशिक्षण प्राप्त करने में क्षमता दिखाई है। उन्होंने जिला चंबा की कला और चंबा कढ़ाई को पहली बार सिखाया गया। उन्होंने बताया कि पहले दहेज में हाथ से कढ़ाई की गई वस्तुएं दी जाती थी। इसके अलावा खिंद-खंदोलू में शानदार कशीदाकारी होती थी। अब फिर से विलुप्त हो रही संस्कृति को जिंदा करने की आवश्यकता है। बताया कि जन शिक्षण संस्थान का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में गैर साक्षरों, नवसाक्षरों के साथ-साथ स्कूल छोड़ने वाले छात्रों को उन कौशलों की पहचान करके व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिनका उस क्षेत्र में प्रासंगिक बाजार है। भारत की दो तिहाई से अधिक आबादी में ग्रामीण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जीएसएस का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके ग्रामीण आबादी को आर्थिक रूप से ऊपर उठाना है। कार्यक्रम में महिला मोर्चा की अध्यक्ष शैलजा शर्मा भी उपस्थित रहीं।