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नौणी-ब्रह्मपुखर फोरलेन : धूल भरी सड़क में सफर करने को मजबूर लोग

Sat, 13 Dec 2025 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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ब्रह्मपुखर चौक पर सड़क निमार्ण कार्य से जमा हुआ कीचड़। संवाद
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ग्राउंड रिपोर्ट
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निर्माण कार्य के चलते सड़क पर उड़ती धूल से दृश्यता हो रही शून्य
हवा हो रहे पानी के नियमित छिड़काव के दावे, हालात जस के तस
निर्माणाधीन फोरलेन किनारे बसे गांवों में घरों के अंदर तक पहुंच रही धूल

बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों की बढ़ रही हैं मुश्किलें
ब्रह्मपुखर चौक पर ज्यादा पानी से कीचड़, फिसलने का खतरा

गोपाल शर्मा
जुखाला(बिलासपुर)। निर्माणाधीन नौणी–ब्रह्मपुखर फोरलेन इन दिनों लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क पर उड़ती धूल ने न केवल यातायात को मुश्किल कर दिया है, बल्कि यह मार्ग स्वास्थ्य के लिहाज से भी जोखिम भरा बनता जा रहा है। खास बात यह है कि यही सड़क एम्स को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिस पर रोजाना मरीजों, तीमारदारों, स्वास्थ्य कर्मियों और एंबुलेंस का लगातार आना-जाना लगा रहता है।
हालात यह हैं कि जैसे ही कोई भारी वाहन गुजरता है, सड़क पर धूल का घना गुबार उठ जाता है। कुछ देर के लिए दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और खांसी आम बात हो गई है। कई लोग मजबूरी में मुंह और नाक ढंककर सफर कर रहे हैं, फिर भी राहत नहीं मिल पा रही। एम्स के लिए रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले मरीज पहले से बीमारी की हालत में होते हैं। ऐसे में धूल भरे माहौल में यात्रा करना उनकी सेहत पर दुष्प्रभाव डाल रहा है। तीमारदारों का कहना है कि इलाज के लिए निकले मरीज रास्ते में ही थकान और सांस की परेशानी से जूझने लगते हैं। फोरलेन के दोनों ओर बसे रिहायशी इलाकों में हालात और भी खराब हैं। दिनभर उड़ती धूल घरों के अंदर तक पहुंच रही है। सुबह साफ किया गया घर कुछ ही घंटों में फिर धूल से भर जाता है। बर्तन, कपड़े और रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं प्रभावित हो रही हैं। बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगियों के लिए घर के अंदर रहना भी मुश्किल हो गया है। सुरेंद्र शर्मा, रमेश कुमार, दया राम, रचना देवी, सरला सहित अन्यों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। केवल ब्रह्मपुखर चौक पर ही कभी-कभार पानी डाला जाता है, वह भी इतनी अधिक मात्रा में कि सड़क पर कीचड़ बन जाता है। इससे वाहनों के फिसलने का खतरा बना जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
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नौणी से ब्रह्मपुखर तक करीब आठ किलोमीटर लंबे हिस्से में हालात एक जैसे हैं। सड़क किनारे दुकान चलाने वाले हों या रोजाना सफर करने वाले लोग सभी धूल से परेशान हैं। इस पूरे हिस्से में धूल नियंत्रण के ठोस इंतजाम नजर नहीं आते। लोगों की मांग है कि एम्स को जोड़ने वाले इस अहम मार्ग पर निर्माण कार्य के साथ धूल नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाए। नियमित और संतुलित तरीके से पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढक कर रखना और सड़क की समय-समय पर सफाई जैसे उपाय तत्काल लागू किए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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कोट
निर्माण कंपनी को दिन में तीन बार सड़क पर पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं यह व्यवस्था ठीक से नहीं हो रही है तो इसे सुनिश्चित कराया जाएगा।
अभय कुमार, कनिष्ठ अभियंता, एनएचएआई
संवाद

ब्रह्मपुखर चौक पर सड़क निमार्ण कार्य से जमा हुआ कीचड़। संवाद

ब्रह्मपुखर चौक पर सड़क निमार्ण कार्य से जमा हुआ कीचड़। संवाद

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