बोर्डों निगमों के कर्मचारियों को पुरानी पैंशन बहाल करे प्रदेश सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ व प्रदेश पेंशनर महासंघ ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार को कर्मचारी और पेंशनर विरोधी करार दिया है। कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपन कुमार डोगरा, राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौहान, राष्ट्रीय सह वित्त सचिव नंद लाल शर्मा, हिमाचल पेंशनर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्र ठाकुर, प्रदेश महामंत्री बृज लाल शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र भंगालिया, वरिष्ठ उपप्रधान राम लाल शर्मा और प्रदेश कोषाध्यक्ष परमेश्वर चौहान ने बताया कि कर्मचारियों व पेंशनरों से कई वादे कर सत्ता में आई सुक्खू सरकार अब कर्मचारी वर्ग की अनदेखी कर रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक वर्ष 2016 से लागू नए वेतनमानों का बकाया एरियर नहीं दिया गया है। संशोधित ग्रेज्यूटी व लिव इन कैश मेंट का भुगतान भी अभी तक नहीं हुआ है। बोर्डों निगमों के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जा रही है। अभी तक डीए की दो किस्तों के एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। सरकार अपनी फिजूलखर्ची पर रोक नहीं लगा रही है, जबकि कर्मचारी और पेंशनरों को वेतन के लिए भी तरसाया जा रहा है। उन्हाेंने आग्रह किया कि प्रदेश सरकार कर्मियों व पेंशनरों के लंबित डीए, एरियर सहित सभी तरह के लंबित भत्ता का शीघ्र भुगतान करे। आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, सिलाई-कढ़ाई अध्यापिकाओं को उनके कार्य को देखते हुए शीघ्र नियमित किया जाए। मल्टी टास्क वर्कर, पैरा पंप ऑपरेटर, फिटर, मल्टी पर्पज वर्कर को भी न्यूनतम वेतन देकर दैनिक वेतन भोगी किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि संघ की मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जागा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।