संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के शुभारंभ अवसर पर आदर्श आचार संहिता का असर दिखाई दिया। हर साल मेले में विभिन्न विभागों की ओर से लगाई जाने वाली प्रदर्शनियों के स्टॉल खाली रह गए, वहीं मेला मैदान में अभी भी झूले और दुकानें लगाने का काम चल रहा है। नलवाड़ी मेले के शुभारंभ से एक दिन पहले आदर्श आचार संहिता लागू हुई। इसका असर मेले पर दिखा। पहले तय किया गया था कि तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी मेले का शुभारंभ करेंगे, लेकिन आचार संहिता के चलते मंडी मंडलायुक्त राखिल काहलों ने मेले का शुभारंभ किया। नलवाड़ी मेले में हर बार विभिन्न विभाग प्रदर्शनियां लगाते हैं। इस बार शुभारंभ अवसर पर सिर्फ एक या दो विभागों की प्रदर्शनी ही मेले में लगी थी। बाकी सभी स्टॉल खाली रह गए। मेले में करीब 15 से अधिक स्टॉल इसके लिए लगाए गए हैं। प्रदर्शनियों में स्वयं सहायता समूह भी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाते हैं, वह भी नहीं लगाई गई। लोग दूर-दराज के क्षेत्रों में इन प्रदर्शनियों को देखने के लिए आते हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार के उत्पाद भी साथ लाते हैं, जिसके लिए उन्हें इनाम भी दिया जाता है। ऐसा इस बार कुछ भी नहीं हुआ। इस कारण लोगों को मायूस होना पड़ा। इसके अलावा पहले दिन अस्थायी बाजार भी नहीं सजा है। रविवार को मेले में सिर्फ थोड़ी बहुत दुकानें लगीं। इसके अलावा दुकानें और झूले लगाने का कार्य भी चला हुआ है, वहीं लोगों को आकर्षित करने वाला डोम भी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। सात दिन तक चलने वाले मेले के लिए अभी तक अपेक्षानुसार कारोबारी नहीं पहुंच पाए हैं, वहीं कुछ व्यापारी दुकान लगाने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि पिछली बार भी नलवाड़ी मेले के का शुभारंभ मंडलायुक्त राखिल काहलों ने ही मेले का शुभारंभ किया था। पिछली बार मंत्री हर्षवर्धन चौहान इस मेले में शामिल होने थे, लेकिन बजट सत्र के वह नहीं आ पाए थे। अब आचार संहिता के चलते इस बार भी राखिल काहलों ने ही मेले का शुभारंभ किया।