हिमाचल के विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी में झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ धूमधाम से श्रावण अष्टमी मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। सुबह की आरती के साथ ही मंदिर के कपाट बुधवार रात दो बजे भक्तों के लिए खोल दिए गए। श्रावण अष्टमी की शुभ बेला हजारों की संख्या में श्रद्धालु रात से ही मां के दर्शनों के कतारों में खड़े हो गए थे। इस मौके पर मां के जयकारों से भक्तों ने पूरे नयनादेवी क्षेत्र को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। भक्त मां की भेंटों पर खुशी से झूम रहे थे।
बाहरी राज्यों सहित विदेशों से भी पहुंचे श्रद्धालु
हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं ने देवी के दर पहुंच कर माथा टेका। यही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु के पावन दर्शनों के लिए पहुंचे। वहीं पहले दिन क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने भी देवी के दर पहुंच कर माथा टेका। वहीं मेने के सफल आयोजन के लिए देवी मां से प्रार्थना की।
मंदिर अधिकारी मदन सिंह चंदेल ने बताया की मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग एक हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसमें पुलिस, होमगार्ड एवं एक्स सर्विस मैन के साथ में समाजसेवी वालंटियर की ड्यूटी भी लगाई गई हैं। हालांकि पहले दिन अपेक्षा के मुताबिक कम संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे।
नारियल और कड़ाह प्रसाद ले जाने पर पाबंदी
मंदिर में सुरक्षा के दृष्टिगत मेले के दौरान नारियल और कड़ाह प्रसाद चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
मिलता है मनवांछित फल
मंदिर के पुजारी भरत शर्मा, रिंकू शर्मा, नीलम शर्मा, तारा माधब और विकाश शर्मा ने बताया कि जो भी श्रद्धालु श्रावण अष्टमी मेला में मां की पूजा अर्चना हवन यज्ञ करते हैं मां की कृपा से उन्हें मन वांछित फल की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि देश ही नहीं विदेशों से मां के भक्त श्रावण अष्टमी मेलों में दर्शनों के लिए आते हैं।