पशुशाला से शुरू हुआ सिलसिला घर के कमरों तक पहुंचा
पुलिस और फोरेंसिक टीम जुटी जांच में, परिवार को लाखों का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी की ग्राम पंचायत दधोल के दधोल कलां गांव में एक ही परिवार के घर और पशुशाला में लगातार आग लगने की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को चिंता में डाल दिया है। पिछले चार दिनों के दौरान चार अलग-अलग स्थानों पर आग लगने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार दधोल कलां निवासी अनंत राम की पशुशाला में चार दिन पहले अचानक आग लग गई थी। आग की चपेट में आने से पशुओं का चारा, लकड़ी और अन्य सामान जलकर राख हो गया। इस घटना में परिवार को करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य दुर्घटना मानते हुए शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से लगी आग समझा। परिवार अभी इस नुकसान से उबर भी नहीं पाया था कि शनिवार को घर के एक अन्य कमरे में रखे पशु चारे में अचानक आग लग गई। लगातार दूसरी घटना के बाद परिवार को किसी अज्ञात व्यक्ति की शरारत या साजिश की आशंका हुई, जिसके चलते पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। शनिवार को फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और विभिन्न स्थानों से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
रविवार को भी आग लगने की दो नई घटनाएं सामने आने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई। वार्ड सदस्य राजेश कुमार के अनुसार सुबह करीब साढ़े सात बजे घर के एक कमरे में रखे सामान से अचानक धुआं उठने लगा और आग भड़क गई। परिवार के सदस्यों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि दोपहर करीब साढ़े बारह बजे एक बार फिर घर के भीतर आग लग गई। इस घटना में कमरे में रखे दो बेड, कपड़े और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गए। आग फैलती देख परिवार ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सामूहिक प्रयास से आग पर काबू पाया। इससे रिहायशी मकान को पूरी तरह जलने से बचा लिया गया।
पुलिस उपाधीक्षक घुमारवीं विशाल वर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों का भी परीक्षण कराया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।