डॉक्टर-नर्स नहीं, प्राथमिक उपचार भी ठप मंत्री धर्माणी से हस्तक्षेप की मांग
लोग बोले, जल्द नहीं हुआ समस्या का समाधान तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। क्षेत्र के मुंडखर स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र पिछले लगभग एक वर्ष से पूरी तरह बंद पड़ा है। केंद्र में न तो डॉक्टर तैनात हैं, न नर्स और न ही चौकीदार। ऐसे में आसपास के गांवों की हजारों की आबादी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है, जिससे लोगों में रोष है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।
नंबरदार दलेर सिंह पटयाल ने बताया कि केंद्र के बंद रहने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में स्कूल के पास एक व्यक्ति गिर गया और उसका पैर टूट गया, लेकिन केंद्र बंद होने के कारण प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल सका। ऐसे हालात आम होते जा रहे हैं। केंद्र के अंतर्गत कुल चार गांव आते हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने से लोगों को मामूली चोट या सामान्य बीमारी में भी कई किलोमीटर दूर घुमारवीं अस्पताल जाना पड़ता है। इससे समय, पैसा और श्रम तीनों का भारी नुकसान हो रहा है। कहा कि गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण, बुजुर्गों की नियमित देखभाल, बच्चों की सामान्य बीमारियों का उपचार और आपातकालीन प्राथमिक उपचार जैसी जरूरी सुविधाएं पूरी तरह ठप हैं। क्षेत्र में तीन स्कूल भी हैं, जहां बच्चों को अक्सर प्राथमिक उपचार की जरूरत पड़ती है, लेकिन केंद्र बंद होने के कारण स्कूल प्रबंधन भी परेशान है। स्थानीय स्कूल के एसएमसी प्रधान दलजीत ने कहा कि बच्चों को हल्की चोट लगने पर भी उन्हें घुमारवीं ले जाना पड़ता है, जो मुश्किल और समय लेने वाला है। केंद्र को तुरंत चालू करवाया जाए। ग्रामीण दलेर सिंह पटयाल, जयचंद, मदन, सीताराम, सुखदेव, दाता राम और दलजीत ने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया है कि डॉक्टर, नर्स और आवश्यक स्टाफ की तुरंत नियुक्ति की जाए। ग्रामीणों ने तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश धर्माणी से आग्रह किया है कि वे इस गंभीर समस्या का संज्ञान लें और मुंडखर स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र को दोबारा सुचारू रूप से चालू करवाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करें। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।