कोलबांध परियोजना के विस्थापितों और प्रभावितों के आंदोलन में सदर के विधायक बंबर ठाकुर भी कूद पड़े हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर 19 सितंबर तक मजदूरों को बहाल नहीं किया गया तो वह विस्थापित मजदूरों के साथ मिलकर बिजली उत्पादन ठप कर देंगे। इसमें सैकड़ों कांग्रेस के कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जो कंपनी प्रशासन और विधायक की बात नहीं मान रही है वह प्रभावित लोगों के साथ कैसा सलूक करेगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने जमथल कॉलोनी गेट से एनटीपीसी प्रबंधन को कहा कि वे अपना तानाशाही रवैया बदल दे नहीं तो इसके भयानक परिणाम होंगे। उन्होंने बिलासपुर पुलिस प्रशासन को भी आगाह किया कि यह आंदोलन उनका है और यह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। इसलिए विस्थापितों और प्रभावितों के साथ कोई भी अनहोनी नहीं होनी चाहिए। विधायक ने जमथल कॉलोनी गेट से विस्थापितों और प्रभावितों की इस दयनीय हालत के लिए केंद्र सरकार और एनटीपीसी प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। विधायक ने कहा कि जिस क्षेत्र में एनटीपीसी ने बांध लगाया उन्हीं लोगों को एनटीपीसी प्रबंधन ने सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर और जेपी नड्डा केंद्र सरकार के नुमाइंदे होने के नाते विस्थापितों पर अपनी नियत स्पष्ट करें कि वो विस्थापितों की इस स्थिति में उनके साथ हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि कभी हड़ताल पर नहीं जाते लेकिन एनटीपीसी की दमनकारी नीतियों ने उन्हें भी मजबूर कर दिया है कि वो आंदोलन के लिए मजदूरों के साथ सड़कों पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर आवश्यक हुआ तो 24 घंटों के लिए एनटीपीसी कॉलोनी जमथल के आवासों को भी घेरे लेंगे। विधायक ने कहा कि एनटीपीसी विस्थापितों और प्रभावितों को निकालकर बाहरी राज्यों के लोगों को परियोजना में भर्ती कर रही है। हड़ताल के पांचवें दिन हरनोड़ा उपप्रधान जगदीश ठाकुर, धौंन कोठी उपप्रधान शंकर राम, औसती कमेटी उपप्रधान छोटा राम ठाकुर, राज कुमार चौधरी, हरनोड़ा पंचायत प्रधान रामी देवी, बीडीसी नीलम, ग्रामीण सुधार कमेटी के प्रधान रामजी दास सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
ठेकेदार और मजदूरों में है विवाद : प्रेम लता
कोलबांध परियोजना की एचआर हेड प्रेम लता का कहना है कि यह मामला मजदूरों और ठेकेदारों के मध्यम का है। परियोजना प्रबंधन का इसमें कोई रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बारे में ठेकेदारों और मजदूरों की बात उपायुक्त बिलासपुर से भी हो चुकी है। उन्होंने साफ किया कि परियोजना प्रबंधन इस मामले में कोई रोल नहीं है।
रास्ता न रोकें मजदूर : उपायुक्त
उपायुक्त बिलासपुर ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि इस बारे में मजदूरों से बात की गई है, उन्हें समझाया गया कि रास्ता रोकना गलत है। यह पूरा मामला परियोजना ठेकेदार और मजदूरों के बीच का है। सभी पक्षों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने मजदूरों से अपील की है कि वे रास्ता न रोकें।