बिलासपुर। विधायक श्री नयना देवी रामलाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को दस दिन का अल्टीमेटम देेते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन ने एम्स एवं श्री नयना देवी क्षेत्र में चल रहे भानुपल्ली रेलवे प्रोजेक्ट में प्रभावित, विस्थापित व स्थानीय लोगों को दिए रोजगार के मुद्दे पर अपनी स्थित स्पष्ट नहीं की तो आगामी रणनीति तय करेंगे। जिसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने बिलासपुर परिधि गृह में पत्रकारों से कहा कि पिछले दो दिनों में श्री नयना देवी विस क्षेत्र का दौरा किया। जिस कारण उन्हें लोगों का दुख दर्द को साझा करने का मौका मिला। उन्हें लोगों ने बताया कि चंगर क्षेत्र में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट में प्रभावित, विस्थापित व स्थानीय लोगों की अपेक्षा बाहरी लोगों को रोजगार दिया गया है। स्थानीय की जगह पंजाब के लोगों की गाड़ियां लगाई गई हैं। उन्होंने इस मसले पर प्रदेश सरकार से सवाल किया एमओयू क्यों नहीं साइन नहीं किया। इन प्रोजेक्ट में 70 प्रतिशत रोजगार मिलना चाहिए था लेकिन यहां पर स्थानीय लोगों की अनदेखी की गई है। यही हाल एम्स कोठीपुरा का है। जहां पर स्थानीय लोगों की अपेक्षा कर हमीरपुर व ऊना के लोगों को तरजीह दी जा रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि जिला सूची जारी की जाए कि रेलवे व एम्स मे कितने स्थानीय व प्रभावित लोगों को रोजगार दिया गया। उन्होंने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भाखड़ा विस्थापितों से जुड़े मसलों का समाधान करवाने की मांग की है। इस अवसर पर जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान व पूर्व विधायक बिलासपुर सदर तिलक राज शर्मा भी उपस्थित रहे। विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि प्रशासन ने श्री नयना देवी के एक बडे़ नेता के इशारे पर श्री नयना देवी मंदिर न्यास का एक करोड़ रुपये का फिक्स डिपोजिट किस आधार पर आनंदपुर स्थित एक बडे़ निजी बैंक में जमा करवाया। उन्होंने उपायुक्त से इस मसले पर जांच की मांग की है।