बिलासपुर का मामला, परीक्षा के दौरान मां ने किया था मना
बिलासपुर के कंदरौर में रह रहा है मुरादाबाद का परिवार
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पुलिस थाना सदर क्षेत्र के तहत मोबाइल फोन न मिलने से नाराज सातवीं के छात्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। किशोर का परिवार कंदरौर क्षेत्र में किराये के मकान में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच शुरू की और परिजनों के बयान दर्ज किए।
जानकारी के अनुसार एक किशोर को अचेत अवस्था में जिला अस्पताल बिलासपुर लाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि किशोर डाकघर सयावली माला तहसील बिलारी जिला मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था। यहां अपने परिवार के साथ रह रहा था। बताया जा रहा है कि सचिन अपनी मां से मोबाइल फोन देने की जिद कर रहा था। उसकी परीक्षा चल रही थी, इसलिए माता ने पढ़ाई का हवाला देते हुए मोबाइल देने से मना कर दिया। मोबाइल न मिलने से वह नाराज हो गया और कुछ देर बाद अपने कमरे में चला गया। इसी दौरान उसने अपनी मां की साड़ी को कमरे में लगे कुंडे से बांधकर फंदा लगा लिया। काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजनों को शक हुआ। कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे से लटका हुआ था। परिजन उसे तुरंत नीचे उतारकर उपचार के लिए जिला अस्पताल बिलासपुर ले आए, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि बच्चे का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद के बाद बच्चे ने यह कदम उठाया। एएसपी शिव चौधरी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
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बच्चों के व्यवहार में बदलाव को समझना जरूरी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि बच्चों में छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना, जिद करना या भावनात्मक रूप से टूट जाना गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आज के समय में बच्चों पर पढ़ाई, परीक्षा और डिजिटल चीजों का काफी प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में अगर माता-पिता बच्चों को किसी बात के लिए मना करते हैं तो उन्हें प्यार और समझदारी से समझाना भी जरूरी होता है। बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है। अगर बच्चा जिद करता है या किसी बात से नाराज होता है तो उसे डांटने के बजाय शांतिपूर्वक समझाना चाहिए।