ग्रामीणों में रोष, कार्रवाई की मांग
भल्लू और खरोटा गांवों में बड़ी संख्या में मजदूर, नियमों की अनदेखी का आरोप
अल्फा स्कूल प्रबंधन ने एसपी को ई-मेल से भेजी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की बलोह पंचायत में बिना पंजीकरण ठहरे प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया है। पंचायत के भल्लू और खरोटा गांवों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रह रहे हैं। इनमें से कई ने पंजीकरण नहीं कराया है।
नियमों के अनुसार पंचायत क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण अनिवार्य है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ मकान मालिकों की कथित मिलीभगत से ये लोग बिना पंजीकरण रह रहे हैं। इससे भविष्य में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत बलोह के खरोटा गांव में एक मकान में कई प्रवासी मजदूर ठहरे हैं। बरठीं के प्रधान कुलदीप धीमान ने बताया कि ठहरे मजदूरों में से एक का पूर्व रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं रहा है। पंचायत स्तर पर उसे बरठीं क्षेत्र में रहने से मना किया गया था। इसके बावजूद उसे खरोटा गांव में किराये पर कमरा दिए जाने से क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
चिंता की बात यह भी है कि जिस किराये के मकान में प्रवासी मजदूर रह रहे हैं, उसके समीप अल्फा पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरठीं, नवदुर्गा मंदिर खरोटा और राजकीय प्राथमिक पाठशाला खरोटा स्थित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों और आसपास के माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अल्फा स्कूल के प्रधानाचार्य ठाकुर दास शर्मा ने बताया कि 23 दिसंबर की सुबह स्कूल के समीप स्थित किराये के मकान में रह रहे प्रवासी मजदूरों के बीच झगड़ा हुआ। उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। यह घटना स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को ई-मेल से शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
बलोह पंचायत की प्रधान संगीता देवी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। पंचायत में अधिकांश प्रवासी मजदूर पंजीकृत हैं, जबकि बिना पंजीकरण रह रहे प्रवासियों और संबंधित मकान मालिकों के खिलाफ पंचायत स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।