नगर परिषद बिलासपुर में बैठक के बाद अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते मिड डे मील वर्कर। स्रोत: मिड
यूनियन मुख्यमंत्री को सौंपेगी ज्ञापन, बढ़ी हुई राशि दस महीने के मानदेय में समायोजित करने पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मिड-डे मील वर्कर्स को साल में दो महीने का अतिरिक्त मानदेय देने की व्यवस्था का पूरा लाभ नहीं मिलने पर मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (एटक) ने नाराजगी जताई है। यूनियन का आरोप है कि अतिरिक्त दो महीने का मानदेय देने के बजाय बढ़ी हुई राशि को पहले मिलने वाले दस महीने के मानदेय में ही समायोजित कर दिया गया है। इससे वर्कर्स को अलग से दो महीने का मानदेय मिलने का लाभ नहीं मिल रहा है। इस मुद्दे और अन्य लंबित मांगों को लेकर यूनियन 28 अक्तूबर को जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगी। नगर परिषद बिलासपुर में राज्य अध्यक्ष कमलेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्कर्स की समस्याओं और मांगों पर चर्चा की गई।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से मानदेय बढ़ाने का लाभ उचित तरीके से मिलना चाहिए। अतिरिक्त दो महीने के मानदेय का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब वर्कर्स को इसका अलग से लाभ मिले। उन्होंने मांग की कि मानदेय देने की व्यवस्था में सुधार किया जाए और लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 28 अक्तूबर को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मानदेय से जुड़े मुद्दे सहित अन्य मांगें उठाई जाएंगी। इस दौरान वर्कर्स ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर विरोध जताया। यूनियन ने कहा कि वर्कर्स के अधिकारों और उचित मानदेय के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक में पूर्व विधायक केके कौशल, श्याम लाल ठाकुर, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवेश चंदेल, किसान नेता एवं एआईटीयूसी हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाग सिंह चौधरी, जिला अध्यक्ष रेखा ठाकुर, निशु कुमारी सहित अन्य वर्कर्स उपस्थित रहीं।