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Bilaspur News: एम्स में बनेगा विश्राम सदन, भूमि की एफसीए प्रक्रिया अंतिम चरण में

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समीक्षा बैठक में एम्स प्रबंधन ने उठाया हिमकेयर योजना के तहत बकाया भुगतान का मामला
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उपायुक्त ने निकाय, विभाग को दिए लावारिस कुत्तों की समस्या का समाधान करने के आदेश
नो हॉर्न जोन घोषित होगा एम्स के बाहर का क्षेत्र, पुलिस निगरानी भी बढ़ेगी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स में प्रस्तावित विश्राम सदन के निर्माण के लिए जमीन की एफसीए प्रक्रिया अंतिम चरण है। मंजूरी मिलने के बाद इसका काम शुरू हो जाएगा। वहीं, एम्स परिसर में लावारिस कुत्तों के कारण मरीज, तीमारदार, फैकल्टी परेशान है। इसका संबंधित निकाय, विभाग मिलकर समाधान निकालेंगे। एम्स बिलासपुर के संचालन को अधिक सुचारु और मरीजों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विभिन्न लंबित विषयों को लेकर पहल तेज कर दी है।
मरीजों की सुविधा, ट्रैफिक प्रबंधन, गैस आपूर्ति और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता पर सुलझाया जा रहा है। इन तमाम विषयों की प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त राहुल कुमार ने की। बैठक में एम्स प्रशासन सहित बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य, नगर परिषद, पशुपालन, वन विभाग, बीपीसीएल, एनएचएआई और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हुए। मरीजों और उनके परिजनों के लिए प्रस्तावित विश्राम सदन की प्रगति की समीक्षा की गई। वन विभाग ने बताया कि पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही कार्य को मंजूरी दे दी जाएगी। हिमकेयर योजना के तहत बकाया भुगतान का मामला भी चर्चा में रहा, जिस पर उपायुक्त ने प्रदेश सरकार से समन्वय कर समाधान निकालने के निर्देश दिए। एम्स परिसर और आसपास लावारिस कुत्तों की बढ़ती समस्या पर भी बैठक में चर्चा की गई। एम्स प्रबंधन ने कहा कि इनकी वजह से मरीजों, फैकल्टी, तीमारदारों को बेहद परेशानी होती है। उपायुक्त ने स्थानीय पंचायत, नगर परिषद और पशुपालन विभाग को मिलकर स्थायी समाधान निकालने को कहा। बिजली बोर्ड ने कहा कि एम्स के लिए 132 केवी विद्युत सब स्टेशन का काम अंतिम चरण में है। इससे एम्स को जल्द ही निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। वहीं, एम्स के कर्मचारियों के बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि चयन को लेकर उपायुक्त ने एसडीएम सदर व एम्स प्रशासन को निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
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ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर उपायुक्त ने कहा कि एम्स के बाहर जाम की स्थिति और प्रेशर हॉर्न से मरीजों को असुविधा हो रही है। उन्होंने क्षेत्र को नो हॉर्न जोन घोषित करने और पुलिस निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, एनएचएआई को निर्देश दिए गए कि निर्माणाधीन फोरलेन पर पैदल यात्रियों और वाहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उचित प्रबंध किए जाएं। उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एम्स से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता और समयबद्धता से पूर्ण किया जाए, ताकि मरीजों और आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
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