बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला बिलासपुर की बैठक 22 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अध्यक्ष रमेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई।
हिमाचल सरकार आज भी अनुबंध पर नियुक्त होने वाले और नियमित होने पर 2 वर्ष तक कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2006 के पंजाब सरकार के वेतनमान के अनुसार वेतन का निर्धारण कर रही है, जो कि पूरी तरह से अन्याय पूर्ण है। जिला मीडिया प्रभारी खूब सिंह ठाकुर ने बताया कि बैठक में अनुबंध पर नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों और नियमित होने पर प्रोवेशन पीरियड में 2 वर्ष तक कार्य करने वाले प्राथमिक शिक्षकों को दिए जा रहे कम वेतन पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी विभाग में अनुबंध पर नियुक्त होने वाले हर कर्मचारी की है। पंजाब सरकार अपने सभी कर्मचारियों को अक्तूबर 2011 के संशोधित वेतनमान के अनुसार वेतन का भुगतान कर रही है, जबकि हिमाचल में ऐसा नहीं हो रहा है जिसके चलते जहां पंजाब में अनुबंध पर कार्य करने वाले जेबीटी का निर्धारण मूल वेतन 16290 के आधार पर किया जाता है। वहीं हिमाचल में जेबीटी शिक्षक के वेतन का निर्धारण 8910 रुपये के मूल वेतन के आधार पर किया जा रहा है। पंजाब में जो वेतन दिया जा रहा है वह हिमाचल में मिल रहे वेतन सेे लगभग दोगुना है।
इस विषय में प्रदेश नेतृत्व से आग्रह किया गया कि अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ संयुक्त रणनीति बनाकर इन सभी कर्मचारियों को जल्द न्याय प्रदान कराया जाए अन्यथा प्राथमिक शिक्षक संघ संघर्ष के लिए बाध्य होगा। बैठक में जिला के मुख्य संरक्षक रणजीत ठाकुर, महासचिव सुनील शर्मा, वरिष्ठ उप प्रधान जोगिंदर लाल ,कोषाध्यक्ष सुशील कुमार, सह सचिव नरेश शर्मा ,महालेखाकार बलवीर ठाकुर, उपप्रधान जोगिंदर पाल, मुख्य सलाहकार अमरनाथ, प्रेस सचिव सतपाल ठाकुर और पांचों शिक्षा खंडों के प्रधान होशियार सिंह ठाकुर, बसंत ठाकुर, कश्मीर सिंह, अनिल शर्मा और नरेश राणा राष्ट्रीय पार्षद बांके बिहारी चंदेल, राज्य सचिव राकेश पटियाल, कार्यालय सचिव राजीव शांडिल, रामस्वरूप, राकेश धीमान, रमेश शर्मा, सीमा रानी, जयपाल, नवीन कुमार उपस्थित रहे।