बिलासपुर का क्षेत्रीय अस्पताल जहाँ पर कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है।
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बिलासपुर। जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किए गए युवक के गत दिवस कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मेडिकल वार्ड को बुधवार को सील कर दिया गया। इसके साथ ही पूरे अस्पताल परिसर को सैनिटाइज करवाया गया। वहीं, संक्रमित के संपर्क में आने वाले एक सर्जन और मेडिसिन विशेषज्ञ को गृह संगरोध में भेज दिया गया है। इनके अलावा नर्सिंग स्टाफ को भी आइसोलेट में रखा गया है।
गौरतलब है कि 31 मार्च को मंडी के एक युुवक को बुखार और पेट दर्द के चलते जिला अस्पताल बिलासपुर की ओपीडी में आया था। इसके बाद उसकी तबीयत की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के एक सर्जन ने उसे प्राथमिक उपचार दिया। सर्जन के परामर्श के बाद वह आगामी इलाज के लिए मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर के पास पहुंचा। जबकि उसे उस समय हल्का बुखार था। वहीं, उसका कोरोना का टेस्ट भी लिखा गया। जब युवक का टेस्ट हुआ तो उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऐसे में युवक के संपर्क में आए अब मेडिकल वार्ड की नर्सिंग स्टाफ को आइसोलेट करते हुए वार्ड को भी सील कर दिया गया है। इनके अलावा संपर्क में आए दोनों चिकित्सकों को भी गृह संगरोध में भेज दिया गया है।
बरती गई लापरवाही
संक्रमित के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी उसे मेडिकल वार्ड में ही रखा गया। जबकि उसे आईसोलेशन वार्ड में रखा जाना चाहिए था। मेडिकल वार्ड में भर्ती और अन्य मरीजों की जिंदगी को भी युवक की बजह से खतरे में डाला गया।
संक्रमित युवक 31 जुलाई के बाद अस्पताल के ट्रामा सेंटर सहित अलग-अलग जगहों पर घूमा है। लेकिन उसके बावजूद प्रबंधन द्वारा सिर्फ मेडिकल वार्ड को ही सील किया जा रहा है। यह लापरवाही साबित करती है कि अस्पताल प्रबंधन अस्पताल में आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य के प्रति कितना लापरवाह है।
कोरोन संक्रमित के सामने आने के बाद अस्पताल परिसर को बार बार सैनिटाइज करवाया जा रहा है। वहीं जिस वार्ड में संक्रमित एडमिट था उसे सील कर दिया गया है। लोगों के स्वास्थ्य के प्रति अस्पताल प्रबंधन गंभीर है। और इसके लिए गंभीरता से काम कर रहा है। -डॉ.सतीश, एसएमओ जिला अस्पताल