सीएच मारकंड में आयोजित जागरूकता शिविर में उपस्थित पुरुष। स्रोत: स्वास्थ्य विभाग।
सीएच मारकंड में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा जागरूकता शिविर आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य विभाग ने सीएच मारकंड में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा जागरूकता शिविर आयोजित किया। इसकी अध्यक्षता सीएमओ मारकंड ने की। स्वास्थ्य शिक्षक मस्तराम ने लोगों को पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के बारे में जानकारी दी।
मस्तराम ने कहा कि पखवाड़े का उद्देश्य खुशहाल परिवार की दिशा में जागरूकता बढ़ाना है। महिलाओं की तुलना में पुरुष नसबंदी अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित और सरल प्रक्रिया है। उन्होंने लोगों को पुरुष नसबंदी के लाभ और प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में भी बताया।
पुरुष नसबंदी एक छोटी और दर्द रहित सर्जरी प्रक्रिया है। इसमें पुरुष के शुक्राणु ले जाने वाली नलियों को बिना जोर लगाए बंद किया जाता है। यह प्रक्रिया लगभग 10-15 मिनट में पूरी हो जाती है, इसमें न तो टांके लगते हैं और न ही ज्यादा खून बहता है। यह स्थाई और अत्यंत प्रभावी गर्भनिरोधक तरीका है और इसका यौन क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। इलाज के कुछ ही घंटों बाद सामान्य जीवन संभव हो जाता है।
पुरुष को नसबंदी के समय 1,100 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जबकि महिलाओं के लिए यह 700 रुपये है। पुरुष नसबंदी के बाद एक हफ्ते तक यौवन गतिविधियों और भारी व्यायाम से बचना चाहिए। बीएमओ ने बताया कि सर्जरी के बाद पहले 24 घंटे में अधिक से अधिक आराम करें। अंडकोष पर दबाव से बचाने और सहारा देने के लिए एक हफ्ते तक एथलेटिक सपोर्टर पहनें। सर्जरी के बाद दिए गए निर्देशों का पालन करें, जैसे कि ड्रेसिंग लगाना और चीरे को सूखा रखना। यदि ज्यादा खून बहता दिखे तो तुरंत डॉक्टर को सूचित करें। एक हफ्ते बाद अधिकांश गतिविधियां फिर से शुरू की जा सकती हैं। इस अवसर पर सीएच का स्टाफ सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।