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महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक : त्रिलोक

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डियारा सेक्टर स्थित वाल्मीकि मंदिर में पूजा-अर्चना और हवन यज्ञ करते सदर विधायक। संवाद
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सदर विधायक ने वाल्मीकि जयंती पर की पूजा-अर्चना
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कहा, सत्य, करुणा और धर्म पर चलना ही जीवन का सच्चा मार्ग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण में भगवान राम की जीवन गाथा के साथ ही भक्ति, सत्य और धर्म की शिक्षा समाहित है। रामायण की रचना करने वाले महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य का प्रथम कवि माना जाता है, जिनकी लिखी रामायण आज भी समाज के लिए मार्गदर्शन का स्रोत बनी हुई है।
मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर विधायक ने डियारा सेक्टर के वाल्मीकि मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी सदियों पहले थीं। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि की जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि किसी व्यक्ति का अतीत चाहे कितना भी दोषपूर्ण क्यों न हो, सही मार्गदर्शन और भक्ति से वह महान आत्मा बन सकता है।
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विधायक ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार इंसान को सही राह दिखाते हैं। जीवन में सुख-दुख धूप-छांव की तरह आते-जाते रहते हैं और इंसान को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। धार्मिक कार्यक्रम में आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, श्री राम नाटक समिति और विश्वकर्मा मंदिर निर्माण एवं विकास समिति समेत कई सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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