आंगनबाड़ी केंद्र जंगल सुंगल में विश्व श्रवण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सदर ब्लॉक मार्कंड की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र जंगल सुंगल में खंड स्तरीय विश्व श्रवण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने लोगों को कानों की सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य शिक्षक ने बताया कि कान हमारे श्रवण का तंत्र हैं और सामान्य गतिविधियों के लिए सुनने की आवश्यकता होती है, फिर भी हम सुनने को हलके में लेते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि कान अपना काम इतनी अच्छी तरह से करता है कि हम उस पर ध्यान ही नहीं दे पाते। श्रवण ही एकमात्र संवेदी प्रणाली है जो हमें यह जानने की अनुमति देती है कि हमारे वातावरण में हर जगह क्या हो रहा है। हमारे कान की शक्ति संक्रमण, तेज शोर, धूम्रपान, नीम हकीम के पास अपने कान साफ कराना, कान को नुकीली लकड़ी या पेंसिल से साफ करना तेल डालना आदि के कारण प्रभावित होती है या श्रवण हानि होती है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम 18 साल तक के सभी बच्चों का निर्धारित समय पर साल में स्कूलों में एक बार और आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दो बार कुछ चिन्हित बीमारियों के लिए लगातार बच्चों की स्क्रीनिंग करते हैं। अगर बच्चे को किसी भी तरह की श्रवण हानि की समस्या पाई जाती है तो उन बच्चों का इलाज निशुल्क कराया जाता है। बहरेपन के अधिकतर मामले कान के अंदर के महीन सेल खराब होने के कारण होते हैं। यह खराबी बहुत तेज आवाज के कारण हो सकती है। यह जरूरी है कि हम सभी शोर से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए कदम उठाएं। इस दौरान स्वास्थ्य शिक्षक मस्तराम ने क्षय रोग मुक्त पंचायत के बिंदुओं पर चर्चा करते हुए क्षय रोग पर भी जानकारी प्रदान की। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित 30 लोग उपस्थित रहे।