घुमारवीं (बिलासपुर) केंद्र व प्रदेश सरकार लोगों से डिजिटल भुगतान करने के लिए कई तरह से प्रचार-प्रसार कर रही है। हैरानी का विषय यह है कि सरकार के अपने विभाग ही इस पर अमल नहीं करते हैं। प्रदेश में पंचायतों के अंतर्गत करोड़ों रुपये के कार्य करवाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश की 3616 पंचायतों में से केवल 16 पंचायतें मे ऑनलाइन भुगतान सीधे खातों में किए जा रहे हैं।
पंचायतों मे 14वें वित्त आयोग द्वारा करवाए गए कार्यों के भुगतान डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के माध्यम से सीधे खातों में ही डाले गए हैं। जिला में ऑनलाइन पैसों का भुगतान करने वाली पहली पंचायत लुहारवीं बनी है।
पूरे हिमाचल प्रदेश में 15 जुलाई तक वित्तीय वर्ष 2021/22 का जिन पंचायतों ने पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा ऑनलाइन भुगतान डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के माध्यम से किया गया है, वह मात्र 16 ही हैं। इसकी रिपोर्ट पंचायती राज संस्थान के ई ग्राम स्वराज पोर्टल में ऑनलाइन स्टेटस पर दर्शाई गई है। जिला की 176 पंचायतों में से उपमंडल घुमारवीं की पंचायत लुहारवीं व घडालवीं ही ऑनलाइन भुगतान कर रही हैं। बिलासपुर के अन्य उपमंडल सदर, श्री नयना देवी व झंडूता से किसी भी पंचायत ने इस तरह का भुगतान ऑनलाइन नहीं किया है। इसके अलावा हमीरपुर की नौ पंचायतें, मंडी की चार और सिरमौर जिला की एक पंचायत के सचिवों द्वारा पूर्णतया ऑनलाइन भुगतान किया गया है।
इन सभी 16 पंचायतों द्वारा 15 जुलाई तक 1,31,6569 रुपये डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के माध्यम से खाते में डाले गए हैं जो अप्रूवड हो गए हैं। बीडीओ घुमारवीं स्पर्श शर्मा ने कहा कि उपमंडल में जितनी भी पंचायतें हैं, उनके सचिवों को कहा गया है कि सरकार के जो दिशानिर्देश जारी हुए हैं, उनके माध्यम से कामों का भुगतान किया जाए। जिला बिलासपुर के घुमारवी उपमंडल में लुहारवीं और घंडालवीं पंचायत के सचिवों ने इसके माध्यम से भुगतान किया गया है जो बहुत ही अच्छी बात है। जिला में केवल घुमारवीं उपमंडल में यह कार्य किया गया है।