बिलासपुर। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू और लॉकडाउन से आम जनता को मानसिक समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। मानसिक स्वास्थ्य को सही बनाए रखने के लिए अपनी दैनिक जीवनशैली में सकारात्मक विचारों को शामिल करें। सीएमओ डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि लॉकडाउन ने लोगों का पूरा माहौल बदल दिया है। अचानक से स्कूल, ऑफिस, कारोबार बंद हो गए, बाहर नहीं जाना है और दिन भर कोरोना वायरस की ही खबरें देखनी है। इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ना स्वाभाविक है। लोगों को परेशान करने वाली 3 वजहें हैं। एक तो कोरोना वायरस से संक्रमित होने का डर, दूसरा नौकरी और कारोबार को लेकर अनिश्चितता और तीसरा लॉकडाउन के कारण आया अकेलापन। ऐसी स्थिति में स्ट्रेस बढ़ना लाजिमी है। कहा कि सामान्य स्ट्रेस तो हमारे लिए अच्छा है। इससे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है लेकिन, ज्यादा स्ट्रेस, डिस्ट्रेस बन जाता है। यह तब होता है जब हमें कोई रास्ता नहीं दिखता, घबराहट होती है, ऊर्जाहीन महसूस होता है। तनाव का असर शरीर, दिमाग, भावनाओं और व्यवहार पर पड़ता है। ऐसे में बार-बार सिरदर्द, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना, थकान, ब्लड प्रेशर में उतार आदि कई परेशानियां व्यक्ति को होती हैं। डॉ. दड़ोच ने कहा कि इस सबसे बचने के लिए खुद को मानसिक रुप से मजबूत करना जरूरी है। अपने रिश्तों को मजबूत करें, छोटी-छोटी बातों का बुरा न मानें, एक दूसरे से बात करें और सदस्यों का ख्याल रखें निगेटिव बातों पर चर्चा कम करें। हमेशा की तरह समय पर सोना, जागना, खाना-पीना और व्यायाम करें।