घुमारवीं के रणसल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
भौतिक दौड़ में उलझे जीवन को मिलती है आध्यात्मिक शक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की लद्दा पंचायत के रणसल गांव में चली रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास पंडित सुरजीत शर्मा ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही मार्ग दिखाने वाली दिव्य ज्ञान गंगा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और मन को सच्ची शांति प्राप्त होती है। कहा कि आज के युग में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए मानसिक तनाव, ईर्ष्या और असंतोष से घिरता जा रहा है। ऐसे समय में भगवान की कथा आत्मिक शक्ति प्रदान करती है और धर्म, सत्य व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। भागवत कथा यह सिखाती है कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य ईश्वर भक्ति और मानव सेवा है। बताया कि श्रीमद् भागवत पुराण सभी पुराणों में श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि इसमें श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोपी प्रेम, भक्तों की अटूट श्रद्धा तथा धर्म और भक्ति का गूढ़ ज्ञान समाहित है। कथा श्रवण से मन के विकार दूर होते हैं और व्यक्ति के भीतर प्रेम, दया, क्षमा तथा सेवा की भावना विकसित होती है। कथा के बीच-बीच में भजन-कीर्तन हुआ, जिससे पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया। श्रद्धालु भगवान के नाम का संकीर्तन करते हुए आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते दिखे। प्रधान कैप्टन प्रकाश चंद ने बताया कि 28 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।