लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही शिवपुराण कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्ति की गंगा में डुबकी लगाई। कथा के दूसरे दिन मुख्य रूप से भगवान शिव के दिव्य स्वरूप, महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व और शिव भक्ति की महिमा का गुणगान किया गया। उन्होंने कहा कि शिव पुराण के श्रवण मात्र से पिशाच योनि से मिल जाती है।
कथा व्यास महंत संगम भारती नेकहा कि जो व्यक्ति प्रेम और सच्ची श्रद्धा से शिव पुराण की कथा सुनता है, वह परम पद (शिव पद) को प्राप्त करता है। उन्होंने समझाया कि भगवान शिव ने स्वयं कहा है कि यह संसार परिवर्तनशील है। यहां कुछ भी स्थिर नहीं है, इसलिए मनुष्य को सुख-दुख की घड़ी में विचलित हुए बिना ईश्वर में पूर्ण विश्वास रखना चाहिए। यही सुखी जीवन का सबसे बड़ा रहस्य है। महंत संगम भारती ने शिव पुराण की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ग्रंथ इतना कल्याणकारी है कि इसका श्रवण करने से पिशाच योनि भोग रहा जीव भी मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा, महादेव को सत्य और निष्ठा प्रिय है। जो भक्त अपने अहंकार का त्याग कर सरल और सहज जीवन जीता है, भोलेनाथ उस पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं। कथा के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजनों पर झूमते हुए कथा का पूर्ण आनंद लिया। इस अवसर पर मंदिर समिति के सदस्य और भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।