ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग
पहले भी घरों तक पहुंच गया है तेंदुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उपतहसील भराड़ी के तहत कारनी गांव और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते तीन दिनों के भीतर तेंदुए ने गद्दी समुदाय के एक चरवाहे की तीन भेड़ों को अपना शिकार बना लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों के साथ-साथ भेड़-बकरी पालक भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार कारनी नाले के आसपास रिहायशी इलाकों में तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले भी कई बार तेंदुए को क्षेत्र में देखा गया था, लेकिन अब पशुओं पर सीधे हमले शुरू होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। पीड़ित गद्दी समुदाय के चरवाहे शेर सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से कुल्लू का निवासी है। पिछले करीब दस दिनों से भराड़ी के समीप कारनी नाले में अपनी भेड़-बकरियों के साथ डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने बताया कि बीते तीन दिनों में तेंदुए ने उनकी तीन भेड़ों को मार डाला। इनमें से दो भेड़ों को तेंदुआ जंगल की ओर उठा ले गया, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। तीसरी भेड़ पर हुए हमले का जिक्र करते हुए शेर सिंह ने बताया कि उन्होंने काफी मशक्कत के बाद तेंदुए से भेड़ को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन तब तक तेंदुआ उसकी गर्दन बुरी तरह जकड़ चुका था। गर्दन टूटने के कारण भेड़ गंभीर रूप से घायल हो गई और कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। चरवाहे और स्थानीय लोगों का कहना है कि विशेषकर रात के समय तेंदुए के हमले का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। शाम ढलते ही तेंदुए को क्षेत्र में घूमते देखा गया है, जिससे न केवल पशुधन बल्कि मानव जीवन के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों और पशुपालकों ने वन विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरे लगाए जाएं, ट्रैप कैमरे स्थापित किए जाएं और नियमित गश्त बढ़ाई जाए। इस संबंध में आरओ भराड़ी मदन ने बताया कि विभाग के कर्मियों को क्षेत्र में भेजा जा रहा है। तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में पिंजरे लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।