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Bilaspur News: आंगन तक पहुंचा तेंदुआ, पालतू कुत्ते को बनाया शिकार

Fri, 20 Mar 2026 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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कुलवाड़ी गांव में दहशत, सीसीटीवी में कैद हुई घटना
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कुछ ही पलों में दबोच लिया शिकार, लगातार बढ़ रही तेंदुए की गतिविधियां

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के तहत मेहरी काथला पंचायत के कुलवाड़ी गांव में तेंदुए की दस्तक से लोगों में भारी दहशत फैल गई है। शुक्रवार शाम गांव निवासी अश्वनी कुमार के घर के आंगन में घुसे तेंदुए ने उनके पालतू कुत्ते को अपना शिकार बना लिया। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिससे तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम ढलते ही जब अंधेरा फैलने लगा था, तभी तेंदुआ अचानक घर के आंगन में घुस आया। उसने कुछ ही सेकंड में कुत्ते को दबोच लिया और मौके पर ही मार डाला। घटना के समय यदि कोई व्यक्ति आंगन में मौजूद होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि भराड़ी और घुमारवीं क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पिछले कुछ महीनों से तेंदुए की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। आए दिन तेंदुए को रिहायशी इलाकों के आसपास देखा जा रहा है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। स्थिति यह हो गई है कि सूर्यास्त के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। पहले जहां ग्रामीण देर शाम तक खेतों और अन्य कार्यों में व्यस्त रहते थे, अब अंधेरा होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। तेंदुए के बढ़ते खतरे का असर बच्चों और महिलाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई अभिभावक अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से डरने लगे हैं। वहीं, महिलाएं भी खेतों में अकेले जाने से बच रही हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने पूरे इलाके की सामान्य दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है और लोग हर समय भय के साये में जी रहे हैं।
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बम्म पंचायत के पूर्व प्रधान मनीष शर्मा सहित राजेश, अजय, राकेश, सोहनलाल, सुरेंद्र और तारा चंद ने प्रशासन और वन विभाग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि समय रहते तेंदुए को पकड़ने या उसे रिहायशी क्षेत्र से दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी समय जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है। मांग की है कि वन विभाग को बीट स्तर पर ट्रेंकुलाइजर गन उपलब्ध करवाई जाए और वन रक्षकों को इन्हें चलाने का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जा सके। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर निगरानी मजबूत करने की भी मांग की गई है। कहा कि इससे पहले भी कई बार वन विभाग को तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी दी गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण ही तेंदुआ अब रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहा है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
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कोट
वन विभाग ने भेजी टीम, सतर्क रहने की अपील
इस संबंध में वन विभाग के आरओ अजय कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही विभागीय टीम को मौके पर भेज दिया गया है और क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है। लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या सुनसान स्थानों की ओर न जाएं, बच्चों को भी अकेले बाहर न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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