डिजिटल न चलाएं
पंजे, दांत और अंग गायब, वन विभाग की शिकायत पर एफआईआर दर्ज
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पुलिस ने शुरू की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर वन खंड के तहत बरोग राजस्व गांव के पास अली खड्ड के किनारे एक तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। तेंदुए के पंजे, टखने के जोड़ और सिर के हिस्से, दांत गायब पाए गए। वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने सदर थाने में एफआई दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ऐसी एक घटना रोहड़ू में भी हुई थी, जिसमें छह ज्वैलर पकड़े गए थे।
जानकारी के अनुसार 15 फरवरी 2026 की शाम करीब छह बजे ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर को सूचना मिली कि बरोग क्षेत्र में तेंदुए का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही संबंधित बीट गार्ड और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा था और इसके अंग अवैध रूप से निकाले जाने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में शव के पंजे, टखने और सिर के हिस्से गायब पाए गए। वन विभाग के सहायक वन संरक्षक वन्यजीव विंग ने पुलिस को औपचारिक शिकायत दी। इसके बाद सदर थाना पुलिस ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर शिव चौधरी ने बताया कि मामला गंभीर है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। तेंदुए का शव बरोग क्षेत्र में अली खड्ड के किनारे मिला था, जिसमें कई अंग गायब हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे। वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर मामले की गहन जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर नरेंद्र सिंह दयाल ने कहा कि शव अली खड्ड के किनारे मिला। तेंदुए का पोस्टमार्टम करवा रहे हैं, मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। कुछ अंग निकाल लिए गए हैं। फिलहाल कोई संदिग्ध व्यक्ति पकड़ में नहीं आया। एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अनुसार तेंदुए जैसे संरक्षित वन्यजीव का शिकार या अंग निकालना गंभीर अपराध है। दोषियों को सजा और भारी जुर्माना हो सकता है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद यह साफ होगा कि तेंदुए की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसे मारा गया। बता देें कि एक सप्ताह पहले रोहड़ू में छह ज्वैलर पकड़े गए थे, जिनके पास तेंदुए के अंग मिले थे। इस घटना से भी यह आशंका हो रही है कि यहां पर भी वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गिरोह काम कर रहे हैं। इससे पहले घुमारवीं के दधोल में भी करीब डेढ़ साल पहले मरा हुआ तेंदुआ मिला था, जिसके अंग गायब थे।