अनार 310 और रॉयल डिलीशियस सेब 372 रुपये किलो तक पहुंचा
फ्रासबीन 104 रुपये प्रति किलो, अदरक बिक रहा 161 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गर्मी बढ़ने के साथ बिलासपुर में नींबू आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। बाजार में नींबू के दाम 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हालत यह है कि कहीं 250 ग्राम नींबू 80 रुपये में बिक रहा है तो कहीं दुकानदार 100 रुपये में केवल चार से पांच नींबू दे रहे हैं। कई दुकानों पर तो नींबू मिल ही नहीं रहा।
रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाला नींबू अब गरीब और मध्यम वर्ग की थाली से दूर होता नजर आ रहा है। दाल, सलाद और शिकंजी में स्वाद बढ़ाने वाला नींबू अब लोगों को सोच-समझकर खरीदना पड़ रहा है। मजदूरी करने वाले और छोटे दुकानदारों का कहना है कि पहले 20 से 30 रुपये में आसानी से आधा किलो नींबू मिल जाता था, लेकिन अब 100 रुपये खर्च करने पर भी जरूरत भर का सामान नहीं मिल पा रहा। सब्जी विक्रेता संजु, प्रीतम, विनोद के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ नींबू की मांग अचानक बढ़ गई है। वहीं मंडियों में आवक कम होने से दाम लगातार बढ़ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाहर के राज्यों से सप्लाई कम आने और परिवहन खर्च बढ़ने का असर सीधे बाजार पर पड़ा है। हालांकि कुछ सामान्य सब्जियों के दामों में राहत देखने को मिली है। जिले में आलू 7 से 12 रुपये प्रति किलो और प्याज 25 से 29 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। फूलगोभी 28 से 35 रुपये, बंद गोभी 10 से 11 रुपये और टमाटर 21 से 28 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है। हरी सब्जियों में पालक 49 से 56 रुपये, धनिया 56 से 83 रुपये और फ्रासबीन 70 से 104 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। अदरक 143 से 161 रुपये और लहसुन 62 से 174 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इससे रसोई का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। फलों की कीमतों ने भी आम लोगों की चिंता बढ़ाई है। अनार 233 से 310 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि अंगूर 174 से 211 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। रॉयल डिलीशियस सेब 174 से 372 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। माल्टा 149 से 161 रुपये और आम 74 से 105 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। बाजार में कई फल और सब्जियां उपलब्ध नहीं रहीं। गृहिणियों में निशा चंदेल, ज्योति शर्मा, अनु चंदेल,अंजू शर्मा और अन्यों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पहले जहां फल और सलाद रोजाना खाने का हिस्सा होते थे, वहीं अब लोग जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं। खासकर नींबू के दामों ने आम आदमी को सबसे ज्यादा परेशान किया है।