चंबा, हमीरपुर और कुल्लू के उपायुक्तों के फैसले को बताया अव्यावहारिक
-कहा, शिक्षा व्यवस्था और जनगणना दोनों की गुणवत्ता होगी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ ने चंबा, हमीरपुर और कुल्लू के उपायुक्तों की ओर से शिक्षकों की विद्यालय समय के उपरांत जनगणना कार्य में ड्यूटी लगाने के आदेशों का कड़ा विरोध किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल रणौत ने इन आदेशों को अव्यावहारिक बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
रणौत ने कहा कि शिक्षक प्रतिदिन सुबह से लेकर शाम तक शिक्षण, मूल्यांकन, प्रशासनिक कार्यों और विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में विद्यालय समय समाप्त होने के बाद उनसे जनगणना जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य की अपेक्षा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि दिनभर की ड्यूटी के बाद थकान की स्थिति में किए गए कार्य में त्रुटियों की संभावना बढ़ जाती है, जिससे जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसे पूरी सावधानी और सटीकता के साथ संपन्न किया जाना चाहिए। यदि शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार डाला जाएगा तो इसका असर न केवल जनगणना की गुणवत्ता पर पड़ेगा, बल्कि विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होगी।
संघ ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि शिक्षकों को विद्यालय समय के बाद जनगणना कार्य से मुक्त रखा जाए तथा इस कार्य के लिए अन्य विभागों के कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएं। यदि शिक्षकों की सेवाएं लेना अनिवार्य हो तो उनके शैक्षणिक दायित्वों को प्रभावित किए बिना अलग से समय निर्धारित किया जाए और आवश्यक तकनीकी संसाधन एवं इंटरनेट सुविधा सरकार उपलब्ध करवाए। यशपाल रणौत ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और उन पर लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ बढ़ाना शिक्षा के हित में नहीं है। शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के अपने मूल दायित्व पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलना चाहिए।